गाज़ियाबाद

सलीम वास्तिक भी रह गए दंग, बोले- उम्मीद से तेज मिला इंसाफ, शुक्रिया यूपी सरकार!

Salim Vastik: यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ 'सलीम वास्तिक' ने अपने ऊपर हुए हमले के मामले में यूपी पुलिस की कार्यशैली को सलाम किया है। उन्होंने सरकार को इतनी जल्दी कार्रवाई करने पर खुशी जताते हुए कहा कि इतनी कम समय में न्याय दिलवाना वाकई काबिल-ए-तारीफ है।

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Salim Vastik: यूट्यूबर सलीम अहमद, जिन्हें डिजिटल दुनिया में 'सलीम वास्तिक' के नाम से जाना जाता है, ने अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और शासन की कार्यशैली की मुक्त कंठ से सराहना की है। वास्तिक ने प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में किसी पीड़ित को इतनी कम समय सीमा के भीतर न्याय की दहलीज तक पहुंचाना प्रशासन की एक असाधारण उपलब्धि है।

स्वयं को 'एक्स मुस्लिम' के रूप में पेश करने वाले सलीम वास्तिक ने हमले के बाद दिए गए अपने शुरुआती इंटरव्यू में साझा किया कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार और पुलिस बल ने जिस ईमानदारी के साथ दोषियों को दंडित किया है, उसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यवस्था में इतनी तीव्रता और ईमानदारी से काम होना उनके लिए सुखद आश्चर्य जैसा है, क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि अपराधी इतनी जल्दी कानून के शिकंजे में होंगे।

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'तो मुझे क्यों मारना चाहिए था'

सलीम वास्तिक ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, 'मेरे पास इस न्याय को बयां करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं। जिस मजबूती और ईमानदारी से इंसाफ किया गया है, वह वाकई मिसाल है। प्रशासन ने कुछ भी गलत नहीं किया, बल्कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सच का साथ दिया है। जो लोग समाज में ऐसी दरिंदगी फैलाते हैं, उन्हें सजा मिलना ही चाहिए। मैंने आरोपी के पिता का बयान भी सुना, जिसमें वे कह रहे थे कि उनके बेटों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। लेकिन मेरा सवाल यह है कि क्या मुझे मारना सही था? अगर आरोपी के पिता को अपनों का दुख है, तो उन्होंने यह क्यों नहीं कहा कि उनके बेटों ने मुझ पर हमला करके गलत किया था? एक तरफा सहानुभूति रखना सरासर गलत है।

'एक मजहब ने उनको खत्म कर दिया'

सलीम आगे कहते हैं कि ‘मैं मानता हूं को दो बच्चे मारे गए। लेकिन मैं मानता हूं कि वह खुद नहीं मरे एक मजहब ने उनको खत्म कर दिया। उनके भी बच्चे होंगे परिवार होगा लेकिन वह अब कितने दुखी हो रहे होंगे। लेकिन उन्होंने काम ही ऐसा कर दिया था कि सरकार को ये कदम उठाना ही था। मैं हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई इसको नहीं मानता। मैं इंसानियत मानवता और प्रेम को मानता हूं। मेरे लिए मुसलमान भी इंसान है और हिंदू सिख भी इंसान है।’

योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया था

आपको बता दें कि यूट्यूबर अपने यूट्यूब चैनल पर एक विशेष धर्म को लेकर कथित विवादास्पद वीडियो के कारण विवादों में आए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया था और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सलीम वास्तिक पर अली गार्डन स्थित उनके ऑफिस में सुबह की नमाज अदा करने के कुछ ही समय बाद हमला किया गया था। हमलावर सलीम पर धारदार हथियारों से हमला कर मौके से भाग गए थे। इस हमले में उन्हें गर्दन, पेट और कान पर गंभीर चोटें आई थीं।

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