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गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर से बिजली कटौती का झटका, 17,700 से अधिक घरों की बिजली अचानक बंद

Ghaziabad News: गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर के कारण बुधवार को 17,705 से अधिक घरों की बिजली अचानक कट गई। उपभोक्ताओं ने बैलेंस खत्म होने की पूर्व सूचना न मिलने पर परेशानी जताई।

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ghaziabad smart meter power cut

गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर से बिजली कटौती का झटका..

Smart meter power cut Ghaziabad: गाजियाबाद में स्मार्ट प्रीपेड बिजली व्यवस्था के तहत बुधवार को 17,705 से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली अचानक कट गई। सोमवार को ही 50,000 से अधिक कनेक्शन कट जाने से शहर और ग्रामीण इलाकों में अफरा-तफरी मची थी। पूरे पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के क्षेत्र में कुल 71,200 कनेक्शन कटने का रिकॉर्ड बना।

बैलेन्स खत्म होते ही बिजली कट गई

बुधवार को दोपहर करीब तीन बजे जैसे ही स्मार्ट मीटरों का बैलेंस नेगेटिव हुआ, हजारों घरों की बिजली स्वतः कट गई। सबसे बड़ी समस्या यह रही कि उपभोक्ताओं को बैलेंस खत्म होने की पूर्व सूचना नहीं मिल सकी। अचानक बिजली कट जाने से लोग निगम के दफ्तरों और हेल्पलाइन 1912 पर लगातार संपर्क करते नजर आए। कई उपभोक्ता तुरंत ऑनलाइन या काउंटर पर रिचार्ज कराने दौड़ पड़े।

गाजियाबाद में बकाया राशि का चिंताजनक आंकड़ा

गाजियाबाद जिले में कुल ढाई लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें करीब 80 प्रतिशत उपभोक्ता प्रीपेड व्यवस्था में शामिल हैं। विद्युत निगम के अनुसार, गाजियाबाद में ही 128.4 करोड़ रुपये का बकाया है, जबकि पूरे पीवीवीएनएल क्षेत्र में यह आंकड़ा लगभग 498 करोड़ तक पहुंच गया है।

उपभोक्ताओं की शिकायतें और ऑनलाइन भुगतान की सीमाएं

स्मार्ट मीटर व्यवस्था के तहत बैलेंस खत्म होते ही कनेक्शन स्वतः कट जाता है। हालांकि, उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें समय पर कोई मैसेज अलर्ट या चेतावनी नहीं दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन भुगतान की सीमित सुविधा ने परेशानी और बढ़ा दी। लगातार इस तरह की कार्रवाई से उपभोक्ताओं में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

विद्युत निगम का पक्ष और समाधान प्रयास

निगम अधिकारियों का कहना है कि प्रीपेड व्यवस्था का उद्देश्य बकाया वसूली को बेहतर बनाना और बिजली व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। उपभोक्ताओं को नियमित रूप से बकाए से अधिक रिचार्ज करना होगा, तभी यह व्यवस्था सफल हो सकती है। मुख्य अभियंता जोन-प्रथम पवन अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को कटने वाले कनेक्शनों की सूची निकालकर उपभोक्ताओं को फोन के माध्यम से समय से सूचित कर दिया गया, जिससे अधिकांश उपभोक्ताओं ने समय रहते रिचार्ज करा लिया।

भविष्य में स्मार्ट मीटर में सुधार

स्मार्ट मीटर व्यवस्था की लगातार चुनौतियों और उपभोक्ताओं की नाराजगी को देखते हुए निगम ने भविष्य में सुधार की संभावनाओं पर काम शुरू कर दिया है। अधिकारी बता रहे हैं कि आने वाले समय में बैलेंस अलर्ट मैसेज को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन रिचार्ज की सुविधा बढ़ाई जाएगी। साथ ही, आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन और मोबाइल ऐप को और तेज़ और सरल बनाने की योजना है। इन सुधारों का मकसद उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देना और बिजली कटौती से होने वाली असुविधा को कम करना है।