गाज़ियाबाद

यूपी में बिल्डरों पर कसेगी नकेल, योगी सरकार उठाएगी ये सख्त कदम

रजिस्टरी के लिए शासन की तरफ से होगें एक्ट में बदलाव, ग़ज़ियाबाद में कई सौ करोड़ का लग चुका है चूना
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Updated: 7 May 2018, 10:19 PM IST
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गाजियाबाद। एनसीआर में बिल्डरों द्वारा की जाने वाली मनमानी को रोकने के लिए जल्द ही बढी तैयारी की जा रही है। अब बिल्डर का रजिस्ट्ररी न करने का बहाना नहीं चल सकेगा। यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में एक्ट में बदलाव किए जाने की तैयारी की जा रही है। अपने इन कारनामों की वजह से बिल्डर महानगर गाजियाबाद में कई सौ करोड़ रूपये का चूना लगा चुके है। दरअसल अब खरीदी गई प्रॉपर्टी पर कब्जा लेने के बाद उसकी रजिस्ट्री नहीं कराने के मामले को लेकर बनी कमेटी ने जांच पूरी कर ली है। कमेटी अब अपनी रिपोर्ट शासन को पेश करेगी, जिसके अनुसार एक्ट में बदलाव किया जाएगा। इसके बाद में बिल्डरों की तरफ से लोगों को मूर्ख नहीं बनाया जा सकेगा।

पिछले दिनों गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जिले में ऐसी कई हजार प्रॉपर्टी का पता चला जिनमें मकान पर क जा ले लिया लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई। जिस कारण लोगों को फ्लैट या मकान का कानूनी हक नहीं मिला। जिला प्रशासन को भी स्टाम्प शुल्क नहीं मिल सका जिसकी वजह से जिला प्रशासन को कई सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

ऐसे नुकसान को लेकर परेशान प्रशासन ने इस मामले में नौ सहकारी आवास समितियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने हाईलेवल कमेटी का गठन किया है, जिसमें स्टाम्प विभाग के दो डीआईजी तथा दो एआईजी शामिल किये गये हैं।

टीम ने गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में ऐसे मामलों की जांच की। दो दिन तक गाजियाबाद में डेरा डाले जाने के बाद टीम लखनऊ पहुंच गई है। एआईजी स्टांप मेवालाल पटेल का कहना है कि टीम ने जो रिपोर्ट शासन को पेश की है उसी के आधार पर अब एक्ट के बदलाव किये जाएंगे

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