गाज़ियाबाद

गाजियाबद में इस बार होगी बंपर वोटिंग, निर्वाचन आयोग ने लिया यह अहम फैसला

निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने अहम फैसले लिए हैं। जिसे इस बार बंपर वोटिंग होने की उम्मीद है।
2 min read
• •
Updated: 23 Nov 2017, 2:17 PM IST
This time in Ghaziabad it will be bumper voting in nikay chunav

गाजियाबाद। जनपद में निकाय चुनाव को लेकर इस बार वोटिंग प्रतशित सुधरने की उम्मीद है। प्रशासन और समाजिक संस्थाएं लगातार लोगों को अपने मत के इस्तेमाल के लिए जागरूक कर रही है। अब इसी कड़ी में निर्वाचन आयोग की तरफ से इसके संबंध में सकारात्मक कदम उठाए गए हैं। जिससे उम्मीद की जा रही है कि इस बार बंपर वोटिंग होगी। दरअसल, आयोग ने सभी जनपद के निर्वाचन अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि बुर्का पहने हुए महिला अगर अपना चेहरा नहीं दिखाना चाहती, तो उसे अपने अधिकार का इस्तेमाल करने से रोका न जाए। अगर इसका उल्लंघन किया जाता है तो कर्मचारी और सम्बन्धित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के बाद में लिया गया फैसला

गाजियाबाद के प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी की तरफ से हाल ही में एक बैठक की गई। इसमें यह फैसला लिया गया कि मुस्लिम महिलाएं के बुर्का पहनकर उनके मतदान स्थल पर पहुचंने पर अपनी पहचान को दिखाने के लिए बुर्का नहीं उठाना पड़ेगा। इस कदम की बदौलत इलाके में मतदान प्रतिशत बढने की प्रबल संभावना है।

उपचुनाव में हुआ था महज 18 प्रतिशत पोलिंग

जनपद गाजियाबाद के नाम सबसे कम पोलिंग किए जाने का रिकार्ड भी शामिल है। मेयर के उपचुनाव में छुट्टी का दिन होने के बाद भी सिर्फ 18 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसके पीछे बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब होना और चुनाव में लोगों की कम रूचि होना निकल कर सामने आया था।

आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी रितू माहेश्वरी ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार चुनाव में वोटिंग प्रतिशत में सुधार देखने को मिलेगा। सभी पीठासीन अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके बारे में सूचित किया गया है कि अगर कोई बुर्का पहने महिला अपना चेहरा नहीं दिखाना चाहती तो उसे वोट करने दिया जाए। अगर उल्लंघन की शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सीएम की रैली में भी उतारवाए गए थे बुर्का

निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसभाओं को सम्बोधित किया था। इसमें मुस्लिम महिलाओं के काले बुर्के होने की वजह से इन्हें उतरवा दिया गया था। जिसके कारण समाज के लोगों की भावनाएं भी खासी आहत हुई थी।

Published on: