आपत्तिजनक पोस्ट या फोटो को लाइक, शेयर और कमेंट करना अब पड़ सकता है भारी
गाजियाबाद. अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि आपकी हर हरकत पर यूपी पुलिस की निगाह है। पुलिस ने बाकायदा मेरठ में सोशल मीडिया सेल के लिए एक लैब की स्थापना की है। इस लैब के जरिये सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक फोटो और पोस्ट डालने वालों का पता लगाया जाएगा। इस लैब के जरिए यह भी पता चल जाएगा कि आपत्तिजनक पोस्टों को कितने लोगों ने फॉरवर्ड, लाइक और इस पर कमेंट किया है। अपराधी की पहचान होने के बाद स्थानीय पुलिस को पूरा डाटा मुहैया करा दिया जाएगा, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ स्थानीय पुलिस कार्रवाई करेगी। यानी अब सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट या फोटो को लाइक, शेयर और उनपर कमेंट करना अब भारी पड़ सकता है। ऐसा करना धार्मिक उन्माद फैलाने जैसा माना जाएगा, जिसपर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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सोशल मीडिया सूजर्स की हर गतिविधि पर नजर
मेरठ में स्थापित सोशल मीडिया लैब के रखरखाव की जिम्मेदारी दिल्ली आईआईटी के विशेषज्ञों की है। इस लैब के माध्यम से फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब पर आपत्तिजनक पोस्ट और फोटो डालने वालों की मॉनिटरिंग कर उनपर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पर भी होगी कार्रवाई़़
सोशल मीडिया से पूरी तरह से आपत्तिजनक फोटो और पोस्ट का खात्मा करने के लिए सख्ती बरती जा रही है। ऐसे में अगर आरोपियों के खिलाफ पुलिस की लापरवाही सामने आती है, तो उनपर भी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि सोशल साइट्स पर आपत्तिजनक पोस्ट से देश के अलग-अलग हिस्सों में कई बार माहौल बिगड़ चुका है। आने वाले दिनों में त्योहारों की झड़ी लगने वाली है। ऐसे में अगर किसी भी तरह के ऐसे फोटो और पोस्ट डाले जाते हैं, जो ऑब्जेक्शनल हो और इससे धर्म के नाम पर हिंसा भड़कती है तो उससे पुलिस की छवि को भी धक्का लगता है।
आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर पुलिस की नजर
इस बारे में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग बेहूदा पोस्ट डालते हैं, जो कि धार्मिक उन्माद फैलाने जैसा है। इससे समाज में धार्मिक तनाव पैदा होता है और इस तरह का काम करने वालों पर अब पुलिस कड़ी नजर रखेगी। ऐसे लोगों पर सामान्य धाराओं के साथ ही रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप पर जिले की साइबर सेल पैनी नजर रख रही है।