माेदीनगर के गांव बखरवा की जिस फैक्ट्री में आग लगी है वह फैक्ट्री अवैध बताई जा रही है। स्थानीय लाेगाें के अनुसार उन्हाेंने पुलिस से इसी शिकायत भी की थी लेकिन काे कार्रवाई नहीं की गई।
गाजियाबाद ( ghazibad news ) मोदीनगर इलाके के गांव बखारवा की जिस फैक्ट्री में आग लगी है वह अवैध बताई जा रही है। दाे दिन पहले ही ग्रामीणों ने इसकी शिकायत भी की थी। फैक्ट्री की आग में एक बच्चे और छह महिलाओं के जिंदा जल जाने की घटना के बाद अब यह बात सामने आ ही है। ग्रामीणाें का आराेप है कि शिकायत के बाद पुलिस भी आई थी लेकिन काेई कार्रवाई नहीं की गई।
( modinagar news) मोदीनगर के बखरवा गांव में अवैध रूप से चल रही मोमबत्ती बनाने की फैक्ट्री में रविवार दाेपहर अचानक आग लग गई। आग की लपटों में जलकर छह महिलाओं और एक बच्चे की माैत हाे गई। इस घटना बाद स्थानीय लाेगाें का गुस्सा फूट पड़ा। जब पुलिस माैके पर पहुंची ताे ग्रामीणाें ने हंगामा कर दिया और एम्बूलेंस के सामने लेट गए। ग्रामीणाें का गुस्सा इस बात काे लेकर था कि शिकायत के बाद दाे दिन पहले पुलिस फैक्ट्री में आई थी लेकिन काेई कार्रवाई नहीं की और मामले काे रफा-दफा कर दिया।
ग्रामीणाें के अनुसार फैक्ट्री में बर्थडे में इस्तेमाल किए जाने वाली पेंसिल फूल झड़ियां बनाई जा रही थी। इनमें बारूद का भी इस्तेमाल किया जाता है। यह फैक्ट्री काफी लंबे समय से चलती आ रही थी जिसमें महिलाओं के साथ-साथ बच्चे भी काम करते थे। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी पुलिस ने काेई एक्शन नहीं लिया। हंगामा कर रहे लाेगाें ने साफ कहा कि अगर पुलिस उनकी शिकायत का संज्ञान ले लेती ताे निर्दोशों की जान बच जाती।
अब इस घटना की गूंज लखनऊ तक जा पहुंची है। सीएम ने घटना की रिपाेर्ट मांगी है। गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेशों के अनुक्रम में प्रत्येक मृतक के परिजनों को दाे-दाे लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की है।