गाज़ियाबाद

बड़ी खबर: गाजियाबाद में अंधेरा होते ही मची भगदड़, अपने बच्चों को बचाने के लिए बेसुध दौड़ी महिलाएं

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुरुवार देर रात मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़
2 min read
Ghaziabad
गाजियाबाद में अंधेरा होते ही मची भगदड़, अपने बच्चों को बचाने के लिए बेसुध दौड़ी महिलाएं

गाजियाबाद. हिंदू धर्म के अनुसार, बुधवार को महिलाओं ने अहोई माता का व्रत रखा था। वहीं कुछ महिलाओं ने गुरुवार को भी इस व्रत को कर अपने बेटों की दीर्घायु की कामना की, लेकिन इस दौरान कुछ लोगों के द्वारा एक भ्रांति फैलाते हुए महिलाओं को कहा गया कि यदि वह अपने बेटों की लंबी आयु चाहती हैं तो वह पानी भरे बर्तन से अपने बेटों की नजर उतार कर उस जल को माता के चरणों में यदि अर्पित कर दें तो उनके बेटे की आयु लंबी हो जाएगी। यदि किसी महिला ने मंदिर में देर रात तक जल नहीं चढ़ाया तो उसके साथ अनर्थ हो सकता है। जैसे ही यह खबर महिलाओं को मिली तो यह खबर आग की तरह फैल गई और महिलाएं अपने बच्चों की दीर्घायु के लिए पूजा-अर्चना शुरू हो गई। देर रात मंदिरों में महिलाओं का तांता लगा रहा।

बता दें कि गाजियाबाद में गुरुवार देर शाम फैली एक अफवाह ने जंगल में आग जैसा काम किया और महिलाओं की भीड़ मंदिरों में उमड़ने लगी। इस अफवाह के दौरान दावा किया गया था कि जो महिला मंदिर में गुरुवार की रात जल नहीं चढ़ाएगी, उसके बच्चों की मौत हो जाएगी। साथ ही दावा किया गया था कि जितने बच्चे हैं, उतने ही रुपये मंदिर में चढ़ाने होंगे। साथ ही एक पानी भरे बर्तन से बच्चों की नजर उतारकर उसका जल मंदिर में चढ़ाना होगा। जैसे ही यह अफवाह फैली, मानों अंधविश्वास मंदिरों की दहलीज पर नजर आने लगा। आधी रात के बाद तक महिलाओं की भीड़ मंदिरों में पहुंचती रही। इस दौरान जब महिलाओं से बात की गई तो उन्होंने किसी अन्य से यह बात पता चलने की बात कही। वे इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं बता सकीं। बताया जा रहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई मंदिरों में इस तरह की खबरें सामने आई कि देर रात वहां भी महिलाओं का तांता लग गया था।

बताया जा रहा है कि जल को चामुंडा देवी के चरणों में अर्पित करने को कहा गया था। जानकार बता रहे हैं कि ऐसी अफवाह लालच के लिए फैलाई जाती है। इस अफवाह के चलते गाजियाबाद के घुकना इलाके में स्थित चामुंडा मंदिर में देर रात तक महिलाओं की खासी भीड़ देखी गई। दूधेश्वर नाथ मंदिर के महंत नारायण गिरी ने बताया कि दिवाली के आसपास कुछ लोग ऐसी अफवाहें फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते। ये तो सिर्फ इंसान की करतूत है, जो अफवाह फैलाकर लोगों को डराता है। यह काम किसी मानसिक रूप से विक्षिप्त या किसी लालची का हो सकता है।

Updated on:
02 Nov 2018 11:40 am
Published on:
02 Nov 2018 11:40 am