गाजीपुर

3 साल के लिए जेल जा सकते हैं गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ! जानें क्या है पूरा मामला ? 

Afzal Ansari Statement: अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले अफजाल संसारी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। महाकुंभ को लेकर दिए विवादित बयान के बाद उनपर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आइए बताते हैं क्या है पूरा मामला ? 

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Feb 14, 2025

Afzal Ansari Controversial Statement on Mahakumbh: अपने रौबदार अंदाज और विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ने सकती हैं। अफजाल अंसारी महाकुंभ को लेकर दिए बयान के बाद विवादों में घिर गए हैं। उनके ऊपर कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

क्या है मामला ? 

12 फरवरी 2025 (बुधवार) को रविदास जयंती के मौके पर शादियाबाद में आयोजित कार्यक्रम में अफजाल अंसारी ने महाकुंभ को लेकर बयान दिया जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वो कह रहे हैं कि मान्यता है कि संगम तट पर नहाकर व्यक्ति का पाप धुल जाएगा। बैकुंठ में जाने का रास्ता खुल जाएगा और भीड़ देखने से ऐसा लग रहा है कि अब नर्क में कोई नहीं बचेगा और स्वर्ग में हाउसफुल हो जाएगा।

बयान के बाद दर्ज हुआ मुकदमा 

अफजाल अंसारी के इस बयान के बाद 13 फरवरी 2025 (बृहस्पतिवार) को जिला सहकारी बैंक गाजीपुर के पूर्व अध्यक्ष देव प्रकाश सिंह ने शादियाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया। देव प्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि सपा सांसद के इस बयान से सनातन हिन्दू धर्म की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। सपा सांसद ने पूर्व भी सनातन हिन्दू धर्म के साधू संतों के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणी की गई थी।

पुलिस ने क्या कहा ? 

महाकुंभ पर अपनी टिप्पणी को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अफजल अंसारी के खिलाफ दर्ज मामले पर, गाजीपुर के एसपी इराज रजा ने कहा, "हमें उनके खिलाफ गुरु रविदास जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महाकुंभ के बारे में दिए गए एक बयान पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने की शिकायत मिली है। धार्मिक भावनाओं को भड़काने सहित धारा 299 और 253 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला देव प्रकाश सिंह नाम के व्यक्ति ने दायर किया था।”

दोष सिद्ध होने पर जा सकते हैं जेल 

गाजीपुर पुलिस ने सांसद के खिलाफ BNS की धारा-299 और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 299 के तहत किसी धर्म या धार्मिक विश्वास का जानबूझकर अपमान करना अपराध है, जबकि धारा 353(2) के अंतर्गत किसी धर्म या जाति के संबंध में झूठी खबर फैलाना दंडनीय है। दोनों धाराओं में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 3 साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। यदि सांसद दोषी साबित होते हैं, तो उन्हें 3 साल तक की सजा हो सकती है।

विवादों से पुराना नाता 

कद्दावर नेता मुख्तार अंसारी के बड़े भाई गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी अक्सर अपने विवादित बयान से सुर्ख़ियों में रहते हैं। लगभग 5 महीने पहले ही उन्होंने ‘गांजे’ को लेकर बयान दिया था। उस मामले में भी उनपर मुकदमा दर्ज हुआ था। अफजाल अंसारी तीन बार के सांसद और 5 बार के विधायक रहे हैं। 

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