
यूपी सरकार बाहुबली मुख्तार अंसारी और उनके कुनबे की मुश्कें पूरी तरह से कस रही है। गुरुवार अलसुबह मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी सहित उनके करीबियों पर ईडी की टीम ने कार्रवाई शुरू की तो हड़कंप मच गया। गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी के फाटक आवास पर ईडी की छापेमारी चल रही है। मकान के प्रमुख दरवाजे से लेकर सड़क तक सीआरपीएफ का कड़ा पहरा है। फिलहाल छापेमारी जारी है। ईडी की इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। इस बाबत स्थानीय पुलिस को भी कार्रवाई के बाद ही सूचना मिल सकी। प्रवर्तन निदेशालय टीम ने गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी, उनके भाई मुख्तार अंसारी के करीबी खान बस मालिक मुमताज खान, गणेश मिश्रा व विक्रम अग्रहरि के आवास पर तड़के छापेमारी की। केंद्रीय सुरक्षा बल की निगरानी में यह कार्रवाई चल रही है। इससे जिलेभर के मुख्तार और अफजाल अंसारी के करीबियों में खलबली मची गई। मुख्तार गिरोह की काली कमाई और अवैध कारोबार पर ईडी की नजर पहले से ही थी। ईडी मुख्तार की अवैध संपत्तियों को लेकर पहले से ही जांच कर रही है।
सीआरपीएफ ने घेर रखा है मकान
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने गाजीपुर के मिश्रबाजार, टाउन हाल के सराय गली, रौजा और मुहम्मदाबाद में छापेमारी की। यहां एक मकान को सीआरपीएफ टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। फिलहाल टीम अभी मकानों को खंगाल रही है। कुछ भी बताने से इनकार किया जा रहा है।
अलसुबह छापा, हर कोई भौचक
सुबह करीब पांच बजे सीआरपीएफ के साथ पहुंची ईडी की टीम, मिश्रबाजार स्थित आभूषण व्यवसायी विक्रम अग्रहरी, खान ट्रेवल्स संचालक टाउन हाल के सराय गली निवासी मुस्ताक खांए रौजा स्थित व्यवसायी गणेश दत्त मिश्रा और गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी के फाटक आवास पर छापेमारी कर रही है। मकान के प्रमुख दरवाजे से लेकर सड़क तक सीआरपीएफ का कड़ा पहरा है। फिलहाल छापेमारी जारी है।
सांसद हैं अफजाल अंसारी
गाजीपुर जिले से सांसद अफजाल अंसारी बाहुबली मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हैं। अफजाल अंसारी ने गाजीपुर लोकसभा से 2019 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। अफजाल अंसारी ने इस चुनाव में भाजपा नेता मनोज सिन्हा को 119392 मतों के अंतर से हराया था।
एक साथ रहता है मुख्तार अंसारी के भाईयों का परिवार
मुहम्मदाबाद में सांसद का आवास ;फाटक में सभी भाइयों का परिवार रहता है। इसमें पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी, उनका विधायक पुत्र सुहैब अंसारी व मुख्तार का भी परिवार रहता है। हालांकि, मुख्तार का परिवार अधिकांश बाहर ही रहता है लेकिन आवास संयुक्त है।
अब भाजपा से ज़ुड़े हैं विक्रम अग्रहरि
विक्रम अग्रहरि अब भाजपा से ज़ुड़े हैं पर टीम ने उनके यहां भी पूछताछ और जांच पड़ताल की है। सराफ विक्रम अग्रहरि पहले अफजाल व मुख्तार की पार्टी कौमी एकता दल से नगरपालिका का चुनाव लड़े थे। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए थे। पिछले कई साल से भाजपा में हैं। उनका भतीजा भाजपा नगर कमेटी में पदाधिकारी भी है।