
Ghazipur Court Acid Attack Verdict: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की अदालत ने तेजाब हमले (Acid Attack) के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक और कठोर फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) श्वेता वर्मा की अदालत ने तेजाब फेंकने की दोषी महिला को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी महिला पर 50,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि यदि दोषी महिला जुर्माने की राशि जमा करने में विफल रहती है, तो उसे 6 साल की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
मामले की जानकारी देते हुए गाजीपुर जिला अदालत के एडीजीसी (क्रिमिनल) जय प्रकाश सिंह ने बताया कि यह सनसनीखेज वारदात भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ी हुई है। आरोपी महिला ने पीड़ित युवक को अपने पास उधार लिए हुए पैसे लौटाने के बहाने बुलाया था। जब पीड़ित महिला के बताए स्थान पर पहुंचा, तो योजनाबद्ध तरीके से उस पर खतरनाक तेजाब (एसिड) फेंक दिया गया। इस अचानक हुए हमले से पीड़ित गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।
इस बर्बर तेजाब हमले के कारण पीड़ित युवक को बेहद गंभीर और स्थायी शारीरिक क्षति पहुंची। तेजाब के प्रभाव से पीड़ित की एक आंख की रोशनी पूरी तरह से चली गई, जबकि दूसरी आंख की देखने की क्षमता भी बेहद सीमित हो गई। इसके अलावा एसिड की वजह से पीड़ित का पूरा चेहरा गंभीर रूप से झुलसकर विकृत हो गया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया और अदालत में ठोस सबूत पेश किए।
न्यायाधीश श्वेता वर्मा ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रस्तुत गवाहों और चिकित्सीय साक्ष्यों के आधार पर महिला को दोषी पाया। अदालत ने टिप्पणी की कि तेजाब हमला केवल एक शारीरिक अपराध नहीं है, बल्कि यह किसी इंसान की पूरी जिंदगी और उसके जीने के अधिकार को तबाह कर देता है। अदालत के इस कड़े फैसले से ऐसे जघन्य अपराध करने वाले अपराधियों में कानून का खौफ पैदा होगा।