
गाजीपुर. कहा जाता है कि भारत जुगाड़ का देश है और जुगाड़ से गाड़ियां और अन्य संसाधन बनाने का माहिर पूरी दुनिया भी मानती है। जुगाड़ की एक नई तस्वीर गाजीपुर के सीएमओ कार्यालय में भी देखने को मिला। जहां पर लोगों की जान बचाने के लिए एक ऑक्सीजन सिलेंडर से 6 लोगों को ऑक्सीजन देने का जुगाड़ किया जा रहा है। एक तरफ कोरोना महामारी में लोग आपदा को अवसर बनाकर कालाबाजारी करने पर उतारू हो चुके हैं। तो वही स्वास्थ्य विभाग किसी भी तरह मरीजों की जान बचाने के लिए जुगाड़ में लगा हुआ है।
गाजीपुर जिला अस्पताल में कोरोना मरीजों के साथ ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए पूर्ण रूप से ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहे हैं। इस महामारी के वक्त मरीजों के लिए ऑक्सीजन संजीवनी के समान हो गया है, लेकिन ऑक्सीजन की कमी और संसाधनों की कमी के चलते विभाग चाह कर भी लोगों को ऑक्सीजन नहीं दे पा रहा है, लेकिन गाजीपुर में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमेश कुमार की पहल पर अब एक ऑक्सीजन सिलेंडर से 6 मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन देकर उनकी जान बचाने का जुगाड़ किया गया है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने एक जुगाड़ की पद्धति से एक सिलेंडर के द्वारा एक साथ 6 मरीजों को ऑक्सीजन देने की जुगाड़ का प्रदर्शन किया और बताया कि जुगाड़ से जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के मरीजों और शम्मे गौसिया मेडिकल कॉलेज सहेडी में एडमिट कोविड-19 के मरीजों को इस जुगाड़ पद्धति से ऑक्सीजन दिया जा रहा है जो मरीजों को काफी लाभ पहुंचा रहा है इससे हम कम ऑक्सीजन सिलेंडर में अधिक से अधिक लोगों का एक समय में ऑक्सीजन देकर जान बचा सकते हैं।
मौजूदा समय में ऑक्सीजन की बहुत जरूरत
साथ ही अन्य खाली सिलेंडरों को ऑक्सीजन भरवा कर पुनः ऐसे मरीजों के लिए व्यवस्था कर सकते हैं। इस जुगाड़ में सोलह सौ से 2000 का खर्च आया है और यह पानी के पाइप लाइन बिछाने वाले सामानों की मदद से बनाई गई है। पाइप लाइन में लगने वाले सामान जिसमें प्लास्टिक की पाइप, पानी गिरने वाला टोटी, पाइप लाइन में लगने वाला टी,और ज्वाइंटर की मदद से जुगाड़ कर सीएमओ कार्यालय के स्टोर में लगातार बनाया जा रहा है। ताकि इसकी मदद से ऐसे मरीजों को लाभ पहुंचाया जा सके। जिन्हें मौजूदा समय में ऑक्सीजन की बहुत ही जरूरत है। यह पूरा जुगाड़ कैसे बनता और काम करता है इसका पूरा प्रदर्शन कर दिखाया और बताया भी गया है।