UP Nikay Chunav: अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी का विधानसभा में काफी दबदबा देखा जाता है लेकिन निकाय चुनाव में भी उनका कम प्रभाव नहीं है।
मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है। कृष्नानंद राय हत्याकांड में से सजा हुई है। अंसारी परिवार को अक्सर विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ते देखा जाता है। हालांकि अपने कस्बे मोहम्मदाबाद की चेयरमैनी पर इस परिवार का तगड़ा दबदबा है।
1971 में जीते थे अफजाल के पिता
अफजाल अंसारी के पिता सुब्हानउल्लाह अंसारी चेयरमैन रह चुके हैं। 1971 में मोहम्मदाबाद से सुब्हानउल्लाह अंसारी चेयरमैन रह चुके हैं। इस साल उनको निर्विरोध नगर पालिका अध्यक्ष चुना गया था। अफजाल अंसारी कहते हैं कि उनके पिता आजादी के सिपाही थे। ऐसे में किसी ने उनके सामने चुनाव नहीं लड़ा।
मोहम्मदाबाद नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 70 के दशक से ही अंसारी बंधुओं के करीबी उम्मीदवार नगरपालिका की कुर्सी पर विराजमान होते रहे हैं। हालांकि चेयरमैनी की कुर्सी के लिए सीधे तौर पर इस परिवार ने लंबे समय से कोशिश नही की है।
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