
गोण्डा. दस्यु ददुआ के छोटे भाई पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल गोंडा लोकसभा सीट पर सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी हो सकते हैं। पिछले एक वर्ष में वह कई बार गोंडा का दौरा कर चुके हैं। जातीय समीकरणों को देखते हुए उन्हें 2019 में गठबंधन का प्रत्याशी बनाया जा सकता है। वह खुद गोंडा से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। बीते रविवार को वह जिले के केशवनगरग्रंट में सपा-बसपा के पहले किसान जनसभा के मुख्य अतिथि के रूप में बालकुमार पटेल (पूर्व संसाद) ने भाग लिया। कार्यक्रम में सपा-बसपा नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पिछले चुनाव में प्रदर्शन को देखते हुए माना जा रहा है कि गठबंधन में गोंडा सीट सपा के खाते में आएगी, इसीलिए सपा के संभावित प्रत्याशियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
गोंडा लोकसभा क्षेत्र में गोण्डा सदर, मनकापुर, मेहनौन, गौरा और बलरामपुर की उतरौला विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें गोंडा, उतरौला, गौरा, मेहनौन, मनकापुर कुर्मी बाहुल्य क्षेत्र हैं। यहां कुर्मियों की खासी तादाद है। आपको बता दें गोंडा लोकसभा क्षेत्र में पहले नंबर पर कुर्मी और दूसरे नंबर पर ब्राह्मण मतदाता हैं। जिले के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर बाल कुमार पटेल यहां से गठबंधन के प्रत्याशी होंगे तो कुर्मी मतदाताओं के खासे वोट उन्हें मिलेंगे।
यह भी गठबंधन के दावेदार
बलरामपुर के सपा जिलाध्यक्ष ओंकार पटेल और पूर्व विधायक नंदिता शुक्ला को भी गठबंधन का प्रत्याशी बनाया जा सकता है। इन नेताओं के जिले में कई जगह बड़े-बड़े होर्डिंग व पोस्टर लगे हैं। इन्होंने बाकायदा जनसंपर्क भी शुरू कर दिया है। इनके अलावा अखिलेश यादव के करीबी रहे ए पी मिश्रा की भी अंदरखाने दावेदारी मानी जा रही है।
2014 में गोंडा लोकसभा सीट
वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के कीर्तिवर्धन सिंह गोंडा से सांसद हैं। पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी नंदिता शुक्ला 199,227 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रही थीं। बसपा प्रत्याशी अकबर अहमद डम्पी 116,178 पाकर तीसरे नंबर पर और कांग्रेस के बेनी प्रसाद वर्मा (102,254) चौथे नंबर पर रहे थे।
कौन हैं बाल कुमार पटेल
12वीं तक पढ़े-लिखे बाल कुमार पटेल दस्यु ददुआ के छोटे भाई हैं। समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्हें मिर्जापुर से सांसद चुना गया था। 2009 के एफिडेविट के मुताबिक, उन पर विभिन्न धाराओं में 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके पास दो करोड़ की चल-अलच संपत्ति है और उन पर एक करोड़ की देनदारी है।