Karan Bhushan Singh, Hanuman Rath: प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत अपील और योगी सरकार के ऊर्जा संरक्षण अभियान का असर अब भाजपा नेताओं पर भी दिखने लगा है। गोंडा से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने लग्जरी काफिला छोड़ ‘हनुमान रथ’ नाम से मिनी बसों में सफर शुरू किया है। प्रदेश में कई नेता अब पर्यावरण अनुकूल परिवहन अपनाते नजर आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील व योगी सरकार के ऊर्जा बचत अभियान का असर अब भाजपा नेताओं पर भी दिखाई देने लगा है। गोंडा से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने लग्जरी गाड़ियों का काफिला छोड़कर तीन मिनी बसें खरीदी हैं। जिन्हें उन्होंने ‘हनुमान रथ’ नाम दिया है। वहीं प्रदेश के कई विधायक भी अब आम और पर्यावरण अनुकूल साधनों से सफर करते नजर आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में ऊर्जा बचत को लेकर सरकार की नई पहल का असर अब नेताओं की दिनचर्या में भी दिखने लगा है। गोंडा से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने अपने पुराने लग्जरी वाहन छोड़कर नया तरीका अपनाया है। उन्होंने करीब 70 लाख रुपये में तीन मिनी बसें खरीदी हैं। इन बसों को ‘हनुमान रथ’ नाम दिया गया है। सांसद अब अपने गनर और स्टाफ के साथ इन्हीं बसों में सफर कर कार्यक्रमों में पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि कई बार वह खुद बस चलाते भी नजर आ रहे हैं। पहले करण भूषण सिंह का काफिला महंगी गाड़ियों से चलता था। उनके साथ लैंड क्रूजर, फॉर्च्यूनर और एंडेवर जैसी एसयूवी शामिल रहती थीं। अब उन्होंने बड़े काफिले की जगह सामूहिक यात्रा को प्राथमिकता दी है। बताया जा रहा है कि उनके पिता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह समेत कई समर्थक भी धीरे-धीरे इसी मॉडल को अपनाने की तैयारी में हैं।
सिर्फ गोंडा ही नहीं, प्रदेश के कई जिलों में भाजपा नेताओं ने अलग-अलग तरीके से ईंधन बचत का संदेश देना शुरू किया है। एटा से भाजपा हाल ही में ई-रिक्शा से पार्टी कार्यालय पहुंचे। वहीं बिजनौर के भाजपा विधायक ने तांगे से चलना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि तांगा पर्यावरण के लिए बेहतर है और आम लोगों के लिए सस्ता साधन भी है।
दरअसल, कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। इसके बाद योगी सरकार ने भी ऊर्जा बचाने के लिए कई अहम फैसले लागू किए। सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अफसरों के काफिले में 50 प्रतिशत तक कटौती करने का निर्णय लिया है। साथ ही सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और सरकारी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।