
Uttar Pradesh Politics News: गोंडा में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल महंगाई, किसानों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। वे सिर्फ चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बना रहे हैं। बृजभूषण ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने पर विपक्ष को आयोग अच्छा लगता है, लेकिन हारने पर वही आयोग खराब हो जाता है। उन्होंने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके पर विदेशी धन मिलने का आरोप भी लगाया।
विपक्षी सांसदों की मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात नहीं होने के सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति से भी मिलना चाहते थे। राष्ट्रपति ने उनसे मुलाकात कर उनकी बात सुनी। उन्होंने कहा कि अब प्रदर्शनकारी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों से भी मिलना चाहते हैं। बृजभूषण ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस तरह न्यायपालिका पर दबाव बनाने और न्यायाधीशों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी अब सुप्रीम कोर्ट को भी अकेला नहीं छोड़ना चाहते।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के बयानों पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वह उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेते और इस पर जवाब भी नहीं देना चाहते। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी धन के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। बृजभूषण ने दावा किया कि इसी वजह से आंदोलन कराया जा रहा है।
असदुद्दीन ओवैसी की ओर से वोट चोरी को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर बृजभूषण ने कहा कि जिन लोगों के पास सबूत हैं, वे उन्हें लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएं। राहुल गांधी के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान सबूत नहीं ले जाने और बाद में देने की बात कहने पर भी बृजभूषण ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा ने कहा कि राष्ट्रपति से बड़ा तो कोई होता नहीं। प्रधानमंत्री को तो आप प्रधानमंत्री मानने को तैयार नहीं हैं। राष्ट्रपति से बड़ा कोई नहीं होता। अब जो सबूत आपके पास हैं, वे राष्ट्रपति को दीजिए। जब मिलने गए थे, तो सबूत लेकर क्यों नहीं गए? इनके पास कुछ है नहीं।