Brij Bhushan Sharan Singh statement on milk prices : पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह अपने बेबाक बोल के लिए जाने जाते हैं। वह जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखते हैं। इस बार उन्होंने दूध की कीमतों का मुद्दा उठाया है।
'कोई भी नेता या मंत्री 50-60 रुपए लीटर वाला दूध नहीं पीता। वह 150 रुपए वाला दूध पीता है। या तो खुद अपनी गाय-भैंस का दूध पीता है जो कि उसके फार्म हाउस पर होती है। मैं खुद 2000 रुपए किलो घी बेचता हूं। मुझे तो समझ में नहीं आता है कि यह 500-600 रुपए किलो वाला घी कहां से आता है।' यह बेबाक बोल हैं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के।
होली का पावन पर्व है। मिलावट खोरी अपने चरम पर है। हर तरफ से नकली मावा और मिठाईयों के नष्ट करने वाली खबरें आ रही हैं। आखिर मिलावट क्यों हो रही है। इस बात पर पूर्व सांसद बृजभूषण ने अपनी राय एक पॉडकास्ट में रखी थी। आइए जानते हैं क्या है उनका नजरिया।
बृजभूषण शरण सिंह कहते हैं कि अगर हमारे दूध का ही सरकार सही दाम दे दे तो आधी बेरोजगारी ऐसे ही खत्म हो जाएगी। उनका कहना है कि मुझे समझ नहीं आता है कि दूध कैसे 40-50 रुपए लीटर बिक रहा है। जब आप एक लीटर दूध की कीमत निकालेंगे तो वह 100-125 के बीच आता है। मैं खुद गाय पालता हूं और गौशाला में भी गाय हैं तो मुझे सही रूप से पता है कि एक लीटर दूध की कीमत क्या है?
बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि वह खुद घी बेचते हैं लेकिन जो उनके खाने-पीने से बचता है। वह कोई बहुत बड़े निर्यातक नहीं है। उनका कहना है कि मैं गाय का घी 2000 रुपए किलो बेचता हूं और भैंस का घी 1500 रुपए किलो बेचता हूं। इससे एक रुपया भी कम नहीं करता हूं चाहे तो बचे हुए घी को मैं तालाब में फेंक दूं। लेकिन समझौता नहीं करता।
बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि हम जब दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों में किसी मंत्री-नेता या बिजनेसमैन के घर जाते हैं तो वह कहता है कि हम आपको अपने फार्म हाउस की सब्जी खिलाते हैं…देसी गाय का दूध पिलाते हैं। लेकिन, हमारे बाप-दादा तो यह सब हमें बहुत पहले से ही देकर गए हैं। उनकी कृपा से हम सभी के पास जमीनें हैं तो हमें क्या ही दिक्कत है। लेकिन, बस हमें हमारी सब्जी -दूध का सही दाम मिल जाए तो हमारा युवा बेरोजगार नहीं रहेगा।