
Gonda News: आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने बाराबंकी की घटना को लेकर एक बार फिर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने गोंडा के बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या का मुद्दा उठाया। सांसद ने इसे राजनीतिक हत्या बताते हुए 16 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया। साथ ही 17 सितंबर को गोंडा पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलने की बात कही है।
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने बाराबंकी की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि उनके फोन पर हजारों लोगों के संदेश आए हैं। लोग घटना की पूरी जानकारी जानना चाहते हैं। इसी वजह से वह अपनी बात जनता के सामने रख रहे हैं। सांसद ने कहा कि उनका बाराबंकी जाने का उद्देश्य नहीं था। वह गोंडा में मारे गए बर्तन कारोबारी विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे। इसके अलावा रमेश कोरी और कुछ दिन पहले अयोध्या में मारे गए राम लगन मौर्य के परिजनों से भी मुलाकात करनी थी। उनका कहना था कि इन परिवारों का दुख-दर्द समझकर उनकी मांगों को मजबूती से उठाना चाहते थे।
चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि अचानक बाराबंकी में बैरियर लगाकर उन्हें रोक दिया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उनके कार्यकर्ताओं को दाहिनी तरफ एक गहरी जगह की ओर जाने का इशारा किया। उन्होंने बताया कि वह गाड़ी में बैठे हुए पूरी स्थिति देख रहे थे। उनका आरोप है कि पुलिस के साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। ये लोग तख्तियों के पीछे पत्थर और बोतलों में ज्वलनशील पदार्थ लेकर खड़े थे। सांसद के मुताबिक, उनके ऊपर जूते, पत्थर और ज्वलनशील पदार्थ फेंके गए। इस दौरान उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया। उन्होंने कहा कि यह सब पुलिस की मौजूदगी में दिन के उजाले में हुआ। सांसद ने बताया कि करीब 100 लोगों के समूह ने उनके कार्यकर्ताओं पर भी हमला किया। उनके अनुसार, यह घटना बैरियर से लगभग 50 मीटर की दूरी पर हुई। जब वह पैदल चल रहे थे।
विनोद साहनी की हत्या को बताया राजनीतिक मामला
गोंडा के विनोद साहनी हत्याकांड का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि विनोद कैसरगंज से चुनाव लड़ना चाहते थे। उन्होंने हत्या को राजनीतिक बताते हुए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस के कुछ लोग सत्ता के संरक्षण में अपराधियों को बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 16 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करेगी। इस दौरान चार प्रमुख मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन दिया जाएगा। सांसद ने कुछ कार्यक्रमों की अनुमति नहीं मिलने का आरोप भी लगाया।
आरक्षण और यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर भी चंद्रशेखर आजाद ने अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी। इस मामले में उन्होंने सरकार से सीबीआई जांच की मांग की।
सांसद ने कहा कि जब एक दलित निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है। तो प्रदेश में दलितों और मुसलमानों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन मामलों को पूछने वाला कोई नहीं है। अंत में चंद्रशेखर आजाद ने 17 सितंबर को दोबारा गोंडा पहुंचने का ऐलान किया। हालांकि, उनके आरोपों पर प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।