
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे योगी के मंत्री संजय निषाद फोटो सोर्स मंत्री के X अकाउंट से
Gonda News:उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंत्री संजय निषाद की एक मुलाकात ने नई चर्चा छेड़ दी है। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लखनऊ में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं की तस्वीरें सामने आने के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है। जब गोंडा के विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर संजय निषाद बीजेपी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे थे।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने मंगलवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात की। उन्होंने सपा नेता के आवास पर पहुंचकर बातचीत की। इस मुलाकात की तस्वीरें संजय निषाद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की हैं। उन्होंने इसे औपचारिक मुलाकात बताया है। हालांकि, मुलाकात के समय को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
संजय निषाद की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है। जब गोंडा के बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी की हत्या का मामला गरमाया हुआ है। चार दिन पहले ही मंत्री संजय निषाद गोंडा पहुंचे थे। हत्याकांड के विरोध में धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। मंत्री ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने हत्यारों का एनकाउंटर करने और बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी उठाई थी। उनके इस प्रदर्शन के बाद बीजेपी सरकार और प्रशासन को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं।
संजय निषाद लंबे समय से निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने और 9 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर वह कई बार अपनी बात खुलकर रख चुके हैं। हाल के दिनों में बीजेपी को लेकर उनके कुछ बयान भी चर्चा में रहे हैं। मंत्री कई मौकों पर यह संकेत दे चुके हैं कि अगर उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला तो उनके लिए दूसरे रास्ते भी खुले हैं। हालांकि, उन्होंने इस मुलाकात को औपचारिक बताया है।
अब सवाल यह है कि संजय निषाद और माता प्रसाद पांडेय की मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार तक सीमित है। या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी है। खासकर गोंडा के विनोद साहनी हत्याकांड के बाद यह मुलाकात कई सवाल खड़े कर रही है। राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को आने वाले चुनाव और निषाद समाज के मुद्दों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, अभी दोनों नेताओं की ओर से किसी नए राजनीतिक समीकरण या गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इस मुलाकात के आधार पर किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का दावा करना जल्दबाजी होगी।
Updated on:
15 Sept 2026 12:48 pm
Published on:
15 Sept 2026 12:48 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
