
ओपी राजभर का बड़ा बयान। फोटो सोर्स-IANS
UP News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्रीओम प्रकाश राजभर (Minister Om Prakash Rajbhar) ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में होने वाली बड़ी संख्या में आपराधिक घटनाओं में सपा से जुड़े लोग शामिल होते हैं। वहीं, अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला था।
पत्रकारों से बातचीत में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि विनोद साहनी मामले में सरकार ने कानूनी कार्रवाई की है और 3 लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह निषाद परिवार के साथ खड़ी है। राजभर ने कहा कि सरकार की ओर से मामले में कार्रवाई की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कदम उठाए जा रहे हैं।
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि 80 प्रतिशत घटनाएं अखिलेश यादव के लोगों की ओर से की जा रही हैं। उन्होंने PDA की बैठक का जिक्र करते हुए भी सपा पर सवाल उठाए। राजभर ने कहा कि अगर सरकार कानूनी कार्रवाई नहीं करती, तब सरकार को दोषी ठहराया जा सकता है। उनके इस बयान के बाद विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर BJP पर हमला बोला था। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP के वर्चस्ववादी लोग अपना दबदबा बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा था कि इसके लिए हत्या तक की जा सकती है या किसी व्यक्ति को घुटनों पर लाया जा सकता है। उन्होंने भाजपा शासन को अहंकार और घमंड का आपराधिक गठजोड़ भी बताया था।
मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि परिवार अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। संजय निषाद के मुताबिक, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक इसे न्याय नहीं माना जाएगा। उन्होंने लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर भी केस दर्ज करने की मांग की थी। इसके अलावा इलाज में हुई कथित चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही थी। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए न्याय, सुरक्षा और मुआवजे की मांग की।
गोंडा के SP अभिषेक के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 को पारसपुर थाना क्षेत्र में एक घटना हुई थी। विनोद साहनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि घर लौटते समय कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद उन्हें तत्काल मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें KGMU लखनऊ रेफर किया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में FIR भी दर्ज की गई थी। इलाज के दौरान शुक्रवार को विनोद साहनी की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, राजनीतिक दलों की ओर से मामले को लेकर अलग-अलग बयान सामने आने के बाद यह मामला अब सियासी बहस का भी मुद्दा बन गया है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया के साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी नजर बनी हुई है।
Updated on:
12 Sept 2026 01:38 pm
Published on:
12 Sept 2026 01:38 pm
