स्मार्ट मीटर घोटाले में बिजली विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। उपभोक्ताओं से अवैध वसूली के मामले में शिकायत की पुष्टि के बाद जोनल हेड को हटा दिया गया है।
गोंडा में स्मार्ट मीटर लगाने के काम में गड़बड़ी और उपभोक्ताओं से अवैध वसूली की शिकायतों पर बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में लापरवाही और अनियमितताएं सामने आने के बाद मेसर्स पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग प्राइवेट लिमिटेड के देवीपाटन जोनल हेड अवधेश श्रीवास्तव का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह लखनऊ से दीपक चौहान को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
देवीपाटन मंडल में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में सामने आई अनियमितताओं के बाद बिजली विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य अभियंता देवीपाटन मंडल यदुनाथ यथार्थ की सिफारिश पर मेसर्स पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग प्राइवेट लिमिटेड के जोनल हेड अवधेश श्रीवास्तव को पद से हटाकर उनका स्थानांतरण कर दिया गया है। उनकी जगह लखनऊ से दीपक चौहान को देवीपाटन जोन का नया जोनल हेड नियुक्त किया गया है।
बिजली विभाग के अनुसार देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम पोलारिस कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा है। आरोप है कि अवधेश श्रीवास्तव के कार्यकाल में मीटर लगाने के काम में कई गड़बड़ियां सामने आईं और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं किया गया।
जांच के दौरान कर्नलगंज क्षेत्र में अवैध रूप से पैसे लेने का मामला भी सामने आया। आरोप है कि पुराने बिजली बिल खत्म कराने और नया मीटर लगाने का झांसा देकर कई उपभोक्ताओं से प्रति व्यक्ति करीब 5200 रुपये तक वसूले गए। जांच समिति ने मामले में कंपनी से जुड़ी एजेंसी ‘ऑल ग्लोबल सर्विसेस’ के दो कर्मचारियों को जिम्मेदार पाया। जिन्हें बाद में सेवा से हटा दिया गया।
इसके अलावा कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उनके घरों में पहले से लगे इलेक्ट्रॉनिक मीटर के बावजूद रिकॉर्ड में स्मार्ट मीटर दिखाया जा रहा था। जांच में यह भी पता चला कि डेटा फीडिंग में गड़बड़ी की गई। प्रगति रिपोर्ट में भी हेरफेर के संकेत मिले। कुछ मामलों में घरेलू कनेक्शन को वाणिज्यिक श्रेणी में दर्ज कर दिया गया, जिससे उपभोक्ताओं के बिल अधिक आने लगे।
मुख्य अभियंता का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं या संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर उसकी रसीद जरूर लें। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।