गोंडा में वोटर लिस्ट से जिंदा लोगों के नाम कटने का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे समर्थकों संग DM ऑफिस पहुंचे। कार्रवाई न होने पर 16 मार्च से तहसील पर धरना देने की चेतावनी दी।
गोंडा जिले में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के कटरा बाजार से पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे ने अपर जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में जीवित मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
गोंडा जिले में मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। समाजवादी पार्टी के कटरा बाजार से पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे ने आरोप लगाया है कि कटरा विधानसभा क्षेत्र में कई जीवित लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इस संबंध में उन्होंने सोमवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन से शिकायत की।
पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे अपने पांच दर्जन समर्थकों के साथ सिविल लाइन स्थित अपने आवास से पैदल चलकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच की मांग की। उनका कहना है कि कटरा विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 106 से 147 मतदाताओं के नाम और बूथ संख्या 107 से 59 मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं। जबकि ये सभी लोग जीवित हैं।
बैजनाथ दुबे ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के विधायक की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर वे न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे। जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान प्रशासन ने पूर्व विधायक से कटे हुए नामों से संबंधित दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे सभी प्रभावित लोगों के तहसील मुख्यालय पर 16 मार्च से धरना देंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में तैनात बीएलओ ने संक्षिप्त पुनरीक्षण प्रक्रिया में लापरवाही बरती है। कई स्थानों पर जीवित लोगों को मृतक और मृतकों को जीवित दिखा दिया गया है। जिससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व विधायक ने प्रशासन से दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 16 मार्च 2026 को कर्नलगंज तहसील में समर्थकों के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके साथ मौजूद रहे।