Flood News: नेपाल की पहाड़ों पर हो रही बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा और सरयू नदी तूफान पर है। बुधवार की सुबह केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक नदी खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। तरबगंज और कर्नलगंज तहसील के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
Flood News: गोंडा सरयू नदी का जलस्तर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी और झमाझम बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। नदी अब खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.। हर घंटे एक सेंटीमीटर की दर से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। करीब दो दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। अनुमान है कि अगर जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल 365955 लाख क्यूसेक पानी विभिन्न बैराजों से बुधवार को छोड़ा गया है।
Flood News: गोंडा जिले के करनैलगंज क्षेत्र की आठ ग्राम पंचायतें पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिरी हुई हैं। नकहरा गांव अब महज 50 मीटर की दूरी पर है। जहां जल पहुंचने में देर नहीं लगेगी। माझा रायपुर, चंदापुर किटौली जैसे गांवों में पानी तेजी से फैल रहा है। कुछ मजरे टापू में तब्दील हो गए हैं।
बाराबंकी के बेहटा गांव के मजरे भी जलमग्न होने की कगार पर हैं। आगामी 24 घंटे में इनके डूबने की आशंका जताई जा रही है।
बांध को बचाने में दिनभर पसीना बहाते रहे अफसर
तेज बहाव के चलते बांधों पर दबाव बना हुआ है। मंगलवार को दिनभर बांस और बल्लियों से पायलिंग कर बहाव को रोकने की कोशिश की जाती रही। बाढ़ खंड के अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। आशंका है कि जलस्तर में तेजी बनी रही। तो बुधवार तक नकहरा गांव पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
लोग तटबंधों की ओर पलायन करने लगे हैं। माझा बहुवन मदार गांव के ग्रामीणों ने बताया कि कटान और पानी की रफ्तार से गांव में भय का माहौल है।
नवाबगंज क्षेत्र के दत्तनगर में ढेमवा मार्ग लंबे समय से पानी में डूबा है। लोग पुल तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। मंगलवार को क्षमता से कई गुना अधिक लोग नावों में सवार देखे गए। बाइकें भी लादी जा रही हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है। ढेमवा जाने वाली सड़क में भी तेज कटान शुरू हो गया है। बाड़ी, साकीपुर, टड़िया जैसे इलाकों में पानी घुसने लगा है। दुर्गागंज क्षेत्र भी कटान की चपेट में है।
ऐली परसौली गांव में बाढ़ की तेज धार ने शिवदयाल, सुदर्शन और अर्जुन के मकानों को लील लिया। तेलमहन पुरवा गांव खतरे की जद में है। जगदीश और छोटकू के मकानों के सामने कटान की दीवार खड़ी हो गई है। बेलसर ब्लॉक के चार गांवों की बस्तियां भी बाढ़ के निशाने पर हैं।
एसडीएम यशवंत राव ने बताया कि बाढ़ पर हर पल नजर रखी जा रही है। प्रभावित गांवों में राजस्व विभाग की टीमें लगातार मुस्तैद हैं। सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। बांध पर शरण लिए लोगों के लिए भोजन के पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं।