
गोण्डा में एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों से भरे एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। बीएड की परीक्षा देने आई एक छात्रा बारिश के कारण बिजली दौड़ रहे स्ट्रीट लाइट के खंभे की चपेट में आ गई। बहन को बचाने के लिए भाई बिना अपनी परवाह किए उसकी ओर दौड़ा और उसे तो बचा लिया। लेकिन खुद करंट की गिरफ्त में आकर अपनी जान गंवा बैठा। इस दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है।
गोण्डा शहर के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के बाहर मंगलवार सुबह एक ऐसा हादसा हुआ। जिसने मौके पर मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। बीएड की परीक्षा देने आई एक छात्रा और उसके भाई के साथ घटी यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, बहराइच जिले के हजूरपुर थाना क्षेत्र के भगड़वा गांव की रहने वाली 20 वर्षीय प्राची अपने बड़े भाई विमल के साथ बीएड परीक्षा देने गोण्डा आई थी। दोनों परीक्षा केंद्र के पास पहुंचे ही थे। कि अचानक प्राची सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे के संपर्क में आ गई। लगातार हो रही बारिश के कारण खंभे में करंट उतर आया था। जिसकी उसे भनक तक नहीं लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही प्राची करंट की चपेट में आई। वह खंभे से चिपक गई। मदद के लिए चीखने लगी। बहन को इस हालत में देखकर विमल एक पल भी नहीं रुका। उसने अपनी जान की परवाह किए बिना बहन को बचाने की कोशिश की। बताया जाता है कि उसने किसी तरह प्राची को खंभे से दूर धकेल दिया। लेकिन इसी दौरान वह खुद करंट की चपेट में आ गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को खंभे से अलग किया। तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने विमल को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से झुलसी प्राची की हालत नाजुक होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया।
जिस भाई ने अपनी बहन की जिंदगी बचाने के लिए खुद को खतरे में डाल दिया। उसकी मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। परीक्षा देने निकले भाई-बहन के साथ ऐसा हादसा होगा। इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। घटना की सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।