
Gonda Blood Gang: गोंडा में पुलिस ने अवैध ब्लड बैंक के नाम पर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 253 फर्जी ब्लड बैंक कार्ड, सिरिंज और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि गिरोह के लोग अस्पतालों के बाहर जरूरतमंदों से मोटी रकम लेकर एक्सपायर हो चुके ब्लड को उपलब्ध कराते थे। इस मामले में एक बच्ची के मौत की भी जांच चल रही है।
गोंडा पुलिस ने जिले में अवैध रूप से ब्लड की खरीद-फरोख्त करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर कोतवाली नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, मामले की शुरुआत परसा के रहने वाले वली मोहम्मद की शिकायत से हुई। वली मोहम्मद ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी के इलाज के दौरान डॉक्टरों ने ब्लड की जरूरत बताई थी। अस्पताल के बाहर ऋषिकेश अवस्थी नामक व्यक्ति ने 12,500 रुपये लेकर ब्लड उपलब्ध कराया। पीड़ित ने 10 हजार रुपये ऑनलाइन और 2,500 रुपये नकद दिए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद रक्त को संदिग्ध और अनुपयुक्त बताते हुए चढ़ाने से इनकार कर दिया।
जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही दूसरा ब्लड उपलब्ध कराया। शिकायत के आधार पर दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्तार, शिवम शुक्ला, विजय, साहबे आलम, ऋषिकेश अवस्थी, बृजेश कुमार शुक्ला, अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह एक संगठित गिरोह है, जो आर्थिक लाभ के लिए अवैध रूप से ब्लड की खरीद-फरोख्त करता था। गिरोह के सदस्य अस्पतालों और अन्य स्थानों पर ऐसे मरीजों की तलाश करते थे। जिन्हें तत्काल रक्त की आवश्यकता होती थी। इसके बाद उनसे मोटी रकम वसूलकर ब्लड उपलब्ध कराया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव बलरामपुर में एक ब्लड बैंक का संचालन करते हैं। जबकि अन्य सदस्य ग्राहकों की तलाश और सौदे कराने का काम करते थे।
इसी मामले से जुड़ी एक अन्य शिकायत में एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी नौ वर्षीय बेटी के इलाज के दौरान एक्सपायरी ब्लड चढ़ाया गया। जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में भी कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि थाना कोतवाली नगर पुलिस तथा सीओ सिटी के नेतृत्व में एक अंतर्जनपदीय गिरोह का खुलासा किया गया है। जिनके द्वारा अवैध रूप से रक्त के खरीदने और बेचने का कार्य किया जा रहा था। इस पूरे गिरोह में अब तक आठ अभियुक्त गिरफ्तार हुए हैं। जिसमें से 6 प्रमुख रूप से बिचौलिया की भूमिका में थे। तथा दो अभियुक्त सौरभ श्रीवास्तव और अभिषेक सिंह उनके द्वारा एक ब्लड बैंक का संचालक जनपद बलरामपुर में किया जा रहा था। यह अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों से बातचीत कर 5 हजार से 6 हजार रूपये में बल्ड बेचते थे। इन सभी से पूछताछ की जा रही है।