
सांकेतिक तस्वीर (फोटो जेनरेट AI)
Gonda News: गोंडा जिले में घाघरा नदी का बढ़ता जल स्तर अब लोगों की चिंता का कारण बन गया है। तेज बहाव के बीच मगरमच्छ और घड़ियाल नदी के किनारों तक पहुंचने लगे हैं। करनैलगंज से अयोध्या सीमा तक कई स्थानों पर इनकी मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। तटीय गांवों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मानसून के दौरान घाघरा नदी में पानी बढ़ने और तेज बहाव के कारण करनैलगंज से अयोध्या सीमा तक करीब 100 किलोमीटर के नदी क्षेत्र में मगरमच्छ और घड़ियालों की हलचल देखी गई है। बच्ची माझा और करनैलगंज क्षेत्र के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने स्थिति पर नजर और कड़ी कर दी है।
जानकारी के अनुसार, अब तक इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। इसके बाद प्रशासन ने करनैलगंज और तरबगंज तहसील के 12 से अधिक तटीय गांवों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी के पास नहीं ले जाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही पशुओं को नदी में पानी पिलाने, नहाने और मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से भी फिलहाल दूर रहने को कहा गया है।
लोगों को जागरूक करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। वन विभाग की टीमें लगातार नदी किनारे गश्त कर रही हैं। हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने की तैयारी भी रखी गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदी का बहाव काफी तेज हो जाता है। ऐसे समय मगरमच्छ और घड़ियाल बहते हुए किनारों के पास पहुंच सकते हैं। इसलिए जब तक नदी की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक लोगों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि किसी को नदी किनारे मगरमच्छ या घड़ियाल दिखाई दें तो उसके पास जाने की कोशिश न करें। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें। इससे किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सकता है।
Updated on:
11 Jul 2026 05:18 pm
Published on:
11 Jul 2026 05:18 pm
