गोंडा

Gonda Cyber Fraud: राजस्थान के दो साइबर ठग गिरफ्तार, तनिष्क के गहनों पर उड़ाते थे ठगी का पैसा

Gonda Cyber Fraud: गोंडा में साइबर ठगी के मामले में राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी सिम और बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम जुटाते थे। रकम को एफडी में बदलकर क्रेडिट कार्ड हासिल करते और तनिष्क के गहनों, फ्लाइट टिकट, होटल व पार्टियों पर पैसा खर्च करते थे।
2 min read
Aug 19, 2026
gonda
प्रेस वार्ता करते सहायक पुलिस अधीक्षक फोटो सोर्स पुलिस मीडिया सेल

Gonda Cyber Fraud: गोंडा में साइबर ठगी के एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है। जिसके तार राजस्थान से जुड़े हैं। साइबर थाना पुलिस ने बुधवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि गिरोह फर्जी सिम और बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम जुटाता था। इसके बाद रकम को एफडी में बदलकर क्रेडिट कार्ड हासिल किए जाते थे। इन्हीं कार्डों से महंगे आभूषण, फ्लाइट टिकट, होटल और पार्टियों पर पैसा खर्च किया जाता था।

Gonda Cyber Fraud: गोंडा में साइबर थाना पुलिस ने Cy-Vajra अभियान के तहत साइबर ठगी के मामले में राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कमल खड़का जयपुर राजस्थान और करण सिंह शेखावत सीकर राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक आईफोन, एक वीवो मोबाइल, कई आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। मुख्यालय के आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव से जुड़ा है। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 4 मई 2026 की रात उनके बैंक खाते से बिना जानकारी और सहमति के 5 लाख 23 हजार 600 रुपये निकाल लिए गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक उन्होंने किसी को ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी नहीं दी थी। जांच में सामने आया कि सभी लेनदेन MakeMyTrip के माध्यम से किए गए थे।

पकड़े गए आरोपों के साथ पुलिस टीम

अलग-अलग राज्यों में जाकर मोबाइल सिम हासिल करने के बाद डिजिटल खाते खुलवाते

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस अधीक्षक अभिषेक दावच्यॉ के नेतृत्व में टीमों का गठन किया। साइबर थाना पुलिस ने जांच के बाद बुधवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में साइबर ठगी का पूरा तरीका सामने आया। पुलिस के मुताबिक आरोपी संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में जाकर मोबाइल सिम हासिल करते और उन्हीं के जरिए विभिन्न बैंकों में डिजिटल खाते खुलवाते थे। साइबर ठगी से मिली रकम इन खातों में जमा की जाती थी।

रकम को एफडी में बदलकर क्रेडिट कार्ड हासिल करते

इसके बाद रकम को एफडी में बदलकर उसके आधार पर लगभग उतनी ही क्रेडिट लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड हासिल किए जाते थे। इन कार्डों से महंगे आभूषण, खासकर तनिष्क के आभूषण, फ्लाइट टिकट, होटल और रिसॉर्ट की बुकिंग की जाती थी। आरोपी रेस्टोरेंट में पार्टियां करने और ऐशो-आराम की चीजों पर भी रकम खर्च करते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के मोबाइल में करीब 6-7 बैंक खाते और इतने ही क्रेडिट कार्ड डिजिटल रूप से संचालित होने की जानकारी मिली है। दोनों के खिलाफ साइबर थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 319(2), 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

Updated on:
19 Aug 2026 07:06 pm
Published on:
19 Aug 2026 07:06 pm