गोंडा

गोंडा डीएम की बड़ी कार्रवाई, सीएमओ का वेतन रोका, असंतुष्ट फीडबैक पर अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस

Gonda DM Action: गोंडा में डीएम प्रियंका निरंजन ने जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की है। आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा के दौरान असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर अधिकारियों और लेखपालों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं डिफॉल्टर पाए जाने पर सीएमओ डॉ. संत लाल पटेल का वेतन रोकने का आदेश दिया गया।

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Jun 03, 2026
अधिकारियों के साथ समीक्षा करती डीएम गोंडा फोटो सोर्स सूचना विभाग
अधिकारियों के साथ समीक्षा करती डीएम गोंडा फोटो सोर्स सूचना विभाग

Gonda DM Action: उत्तर प्रदेश के गोंडा में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने राजस्व मामलों और आईजीआरएस पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर कई अधिकारियों और लेखपालों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं शिकायतों के निस्तारण में डिफॉल्टर पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संत लाल पटेल का वेतन रोकने का आदेश भी दिया गया है।

गोंडा जिले में जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सख्त रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक में उन्होंने राजस्व वादों और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति का जायजा लिया। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लेखपाल और अधिकारियों पर लटकी कार्रवाई

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कुछ अधिकारियों और लेखपालों के खिलाफ शिकायतकर्ताओं ने असंतुष्ट फीडबैक दिया है। इस पर उन्होंने ऐसे सभी अधिकारियों और लेखपालों को तत्काल शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले लेखपालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना

डीएम ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए। उसे संतुष्टि भी मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के प्रति उदासीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही

शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संत लाल पटेल का विभाग डिफॉल्टर पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से शिकायतों का निस्तारण करें। अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

लंबित राजस्व वादों करें निस्तारण

जिलाधिकारी ने लंबित राजस्व वादों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निर्देश दिया कि पुराने मामलों की नियमित सुनवाई कर उनका जल्द से जल्द निस्तारण कराया जाए। डीएम ने कहा कि लंबित मामलों के समाधान से लोगों को राहत मिलेगी और राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली भी बेहतर होगी।

Published on:
03 Jun 2026 03:30 pm
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