गोंडा

Gonda Flood: खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर घाघरा, 7 गांव बने टापू; 18 हजार लोग प्रभावित

Gonda Flood: गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ का पानी गांवों और खेतों तक पहुंच गया है। तरबगंज और करनैलगंज के 7 राजस्व गांव टापू बन गए हैं। करीब 18 हजार लोग प्रभावित हैं। प्रशासन ने 28 बाढ़ चौकियां और 31 बाढ़ शरणालय बनाए हैं।
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Updated: 8 Sep 2026, 7:26 PM IST
Gonda
कटरा शाहबाजपुर राहत सामग्री वितरित करते फोटो सोर्स डीएम X अकाउंट

Gonda Flood:गोंडा में घाघरा नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। अब बाढ़ का असर गांवों के साथ खेतों में भी दिखाई देने लगा है। नेपाल में बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद नदी उफान पर है। मंगलवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। तरबगंज और करनैलगंज तहसील के सात राजस्व गांव टापू बन गए हैं। करीब 18 हजार लोग प्रभावित हैं। प्रशासन ने निगरानी और राहत व्यवस्था बढ़ा दी है।

गोंडा में घाघरा नदी का बढ़ता पानी अब ग्रामीणों के लिए परेशानी बनता जा रहा है। नदी का पानी गांवों के आसपास पहुंचने के बाद खेतों में भी फैलने लगा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा चिंतित हैं। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश का असर घाघरा पर पड़ा है। बैराजों से छोड़े गए पानी ने भी नदी का जलस्तर बढ़ाया है। मंगलवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर 107.616 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां खतरे का निशान 106.070 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से करीब 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में करीब तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। पानी बढ़ने के साथ आसपास के खेतों और निचले हिस्सों में बाढ़ का असर बढ़ रहा है। तरबगंज और करनैलगंज तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

बैराजों से आया 3,82328 क्यूसेक पानी

मंगलवार सुबह घाघरा नदी में कुल 3,82328 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। इसमें गिरिजा बैराज से 170505 क्यूसेक, शारदा बैराज से 18,3480 क्यूसेक और सरयू बैराज से 5954 क्यूसेक पानी शामिल है।
हालांकि अब बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी का रुझान कम होने लगा है। इसके बावजूद नदी में पहले पहुंच चुके पानी का असर बना हुआ है। जलस्तर अभी बढ़ रहा है।

कटरा शाहबाजपुर राहत सामग्री वितरित करते फोटो सोर्स डीएम X अकाउंट

सात राजस्व गांव बने टापू

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि तरबगंज और करनैलगंज तहसील के सात राजस्व गांव इस समय टापू बने हुए हैं। बाढ़ के कारण इन गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। लोगों के आवागमन के लिए नावों की व्यवस्था की गई है।
डीएम के मुताबिक जिले में अब तक करीब 18,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से फसलों और आवासों को जो भी नुकसान होगा। उसकी भरपाई सरकार की ओर से की जाएगी।

मगरमच्छों का भी बढ़ा खतरा

बाढ़ का पानी चारों तरफ भरने से अब मगरमच्छों का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ऐसे स्थानों को चिन्हित कर रहा है। जहां इनका खतरा ज्यादा है। लोगों को सतर्क किया जा रहा है। संवेदनशील जगहों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।
बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए दोनों तहसीलों में 28 बाढ़ चौकियां और 31 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। यहां संबंधित कर्मचारियों को सक्रिय कर दिया गया है।

पशुओं के लिए भी इंतजाम

बाढ़ प्रभावित पशुपालकों के लिए भी प्रशासन ने व्यवस्था की है। करीब 350 पशुपालकों के पशुओं के लिए भूसा उपलब्ध कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि जरूरत के मुताबिक राहत व्यवस्था को आगे भी बढ़ाया जाएगा।
बाढ़ की निगरानी के लिए अलग-अलग स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बाढ़ से जुड़े अधिकारी लगातार इन कैमरों के जरिए हालात पर नजर रख रहे हैं। गांवों के बीच आवागमन बनाए रखने के लिए नावें भी लगाई गई हैं।

अयोध्या में भी सरयू उफान पर

उधर अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। मंगलवार को यहां नदी का जलस्तर 93.080 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 92.730 मीटर है। यानी सरयू करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यहां भी पानी बढ़ने का रुझान दर्ज किया गया है। डीएम ने बताया कि घाघरा अभी 48 सेंटीमीटर और सरयू 35 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। ग्रामीणों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।

Updated on:
8 Sep 2026, 7:26 PM IST
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