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UP Agriculture Department: गेहूं, चना और मसूर की बुवाई से पहले जान लें यह बात, किसानों को बीज पर मिल रहा भारी अनुदान

UP Ariculture Department: गोण्डा में रबी की बुवाई के लिए सरकारी बीज भंडारों पर गेहूं, चना, मटर, मसूर और सरसों के बीज उपलब्ध हैं। किसानों को गेहूं के प्रमाणित बीज पर 2,369 रुपये प्रति कुंतल तक अनुदान मिल रहा है। जानें बीज की बुकिंग कैसे करें। फार्मर आईडी क्यों जरूरी है। किन फसलों पर कितनी सब्सिडी मिलेगी।
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गोंडा

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Mahendra Tiwari

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Updated: 23 Oct 2026, 5:04 PM IST

Gonda

कृषि विभाग गोंडा फोटो सोर्स महेंद्र तिवारी

UP Agriculture Department: गोण्डा जिले में रबी की फसलों की बुवाई शुरू हो गई है। किसानों को राहत देने के लिए कृषि विभाग ने सरकारी बीज भंडारों पर गेहूं, चना, मटर, मसूर और सरसों समेत कई फसलों के बीज उपलब्ध करा दिए हैं। इन बीजों को अनुदानित दरों पर खरीदा जा सकता है। गेहूं के प्रमाणित बीज पर 2,369 रुपये प्रति कुंतल तक अनुदान मिल रहा है। इसके लिए फार्मर आईडी जरूरी है।

गोण्डा जिले के किसान अब अपने विकासखंड के राजकीय कृषि बीज भंडार से रबी की फसलों के बीज अनुदानित दरों पर प्राप्त कर सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि जिले के सभी सरकारी बीज भंडारों पर गेहूं, चना, मटर, मसूर, राई-सरसों और तोरिया के प्रमाणित व आधारीय बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। किसानों को फसल और बीज की प्रजाति के अनुसार अनुदान दिया जा रहा है।

गेहूं के बीज पर कितनी मिलेगी छूट?

जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, गेहूं की 10 वर्ष से कम पुरानी प्रजातियों के प्रमाणित बीज की कीमत 4,738 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित है। इस पर 2,369 रुपये प्रति कुंतल अनुदान मिलेगा। यानी किसान को एक कुंतल बीज के लिए अपनी जेब से 2,369 रुपये देने होंगे। वहीं, गेहूं की 10 वर्ष से अधिक पुरानी प्रजातियों के बीज पर 1,300 रुपये प्रति कुंतल अनुदान दिया जाएगा।

चना, मटर और मसूर पर भी लाभ

चना की आठ वर्ष से कम पुरानी प्रजातियों के प्रमाणित बीज पर 6,000 रुपये प्रति कुंतल और 10 वर्ष से अधिक पुरानी प्रजातियों पर 4,000 रुपये प्रति कुंतल अनुदान मिलेगा। मटर की आठ वर्ष से कम पुरानी प्रजातियों के बीज पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। मसूर की आठ वर्ष से कम पुरानी प्रजातियों पर निर्धारित दर के अनुसार शत-प्रतिशत अनुदान मिलेगा। मसूर की अन्य प्रजातियों और राई-सरसों के बीज पर भी नियमानुसार अनुदान उपलब्ध है।

दलहनी और तिलहनी फसलों के मिनीकिट मुफ्त

कृषि विभाग ने दलहनी और तिलहनी फसलों के मिनीकिट भी उपलब्ध करा दिए हैं। इनका वितरण बुकिंग कराने के बाद चयनित किसानों को मुफ्त किया जाएगा। किसान इनका लाभ उठाने के लिए समय से आवेदन कर सकते हैं।

ऐसे करें सरकारी बीज की बुकिंग

किसान कृषि विभाग की वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर जाकर खुद बीज की बुकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि विभाग के कर्मचारियों की मदद से निशुल्क आवेदन भी कराया जा सकता है। शासनादेश के अनुसार, पंजीकृत किसानों को उनकी जमीन के आधार पर निर्धारित मात्रा में बीज दिया जाएगा। वितरण के समय पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाना होगा। इसके लिए फार्मर आईडी अनिवार्य है।

दो साल तक दोबारा नहीं मिलेगा अनुदान

नियम के मुताबिक, किसी फसल के बीज पर अनुदान लेने के बाद अगले दो वर्षों तक उसी फसल के बीज पर दोबारा अनुदान नहीं मिलेगा। जिला कृषि अधिकारी ने बुकिंग करा चुके किसानों से अपील की है कि वे जल्द अपने विकासखंड के सरकारी बीज भंडार पहुंचकर बीज या मिनीकिट प्राप्त कर लें, ताकि समय से बुवाई कर सकें।