
Gonda News: गोंडा में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के मामले में करीब पांच साल बाद अदालत ने दो दोषियों को सजा सुनाई है। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी के चलते अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने दोनों आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस फैसले को पुलिस ने बड़ी सफलता बताया है।
गोंडा जिले के कर्नलगंज क्षेत्र में वर्ष 2021 में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह कार्रवाई पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर 2021 को कर्नलगंज थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। इसी दौरान गांव के दो युवक घर में घुस आए। उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़िता के शोर मचाने पर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य एकत्र करते हुए संगमलाल पुत्र बालचंद्र और विनोद कुमार यादव पुत्र राजाराम को दोषी पाया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद तत्कालीन विवेचक ने सभी आवश्यक साक्ष्यों और जांच पूरी कर 16 नवंबर 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
पुलिस अधीक्षक गोंडा के निर्देशन में जनपद में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित मामलों में दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मॉनिटरिंग सेल प्रभारी प्रदीप कुमार शुक्ला, अभियोजक अशोक सिंह, कोर्ट मोहर्रिर वंदना तथा थाना कर्नलगंज के पैरोकार कांस्टेबल अनूप शुक्ला ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निर्भय प्रकाश ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए दोनों दोषियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और प्रत्येक को 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।