
Gonda News: गोण्डा जिले में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस की टीमें गांव-गांव पहुंचकर महिलाओं को साइबर ठगी, छेड़छाड़ और घरेलू हिंसा से बचने के तरीके बता रही हैं। साथ ही उन्हें जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी जा रही है। ताकि किसी मुसीबत में फंसने पर वे बिना डरे मदद मांग सकें।
गोण्डा जिले में मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस की टीमें जिले के अलग-अलग गांवों में पहुंचकर महिलाओं और बेटियों को जागरूक कर रही हैं। इस दौरान उन्हें अपनी सुरक्षा करने, साइबर ठगी से बचने और अपने अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है। पुलिस ने महिलाओं से कहा कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर चुप न रहें, बल्कि तुरंत मदद मांगें।
पुलिस की मिशन शक्ति टीमों ने महिलाओं और बेटियों को साइबर अपराध से बचने के तरीके बताए। टीमों ने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या डेबिट कार्ड का विवरण और ओटीपी न बताएं। मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक करने से भी बचें। संदिग्ध कॉल या मैसेज के जरिए मिलने वाले लालच में न आएं। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सावधानी बरतें। अपनी निजी तस्वीरें और दूसरी जानकारियां किसी के साथ साझा करने से पहले अच्छी तरह सोचें। ऑनलाइन ठगी या साइबर उत्पीड़न होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में भी बताया गया। पुलिस टीमों ने कहा कि किसी के छेड़छाड़ करने, पीछा करने, अभद्र व्यवहार करने या घरेलू हिंसा की स्थिति में चुपचाप सहन न करें। ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा और शिकायतों पर कार्रवाई के लिए पुलिस तत्पर है। किसी भी समस्या के समय बिना डर या संकोच के सहायता मांगी जा सकती है।
मिशन शक्ति टीमों ने महिलाओं और बेटियों को सुरक्षा और सहायता के लिए जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। इनमें प्रमुख नंबर इस प्रकार हैं। 1090: वीमेन पावर लाइन, 181: महिला हेल्पलाइन, 112: पुलिस आपातकालीन सेवा, 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930: साइबर अपराध हेल्पलाइन, महिलाओं को पुलिस ने बताया कि जरूरत पड़ने पर इन नंबरों के माध्यम से संबंधित सहायता मांगी जा सकती है।
अभियान के दौरान महिलाओं और बेटियों को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के बारे में भी बताया गया। उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान के तहत ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। पुलिस ने आम लोगों से भी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।