
Gonda News:गोण्डा में महिलाओं और बेटियों को साइबर ठगी, छेड़छाड़ और दूसरी परेशानियों से बचाने के लिए पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाया। मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत जिले के सभी थानों की टीमें गांवों में पहुंचीं। महिलाओं से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा के तरीके बताए। पुलिस ने अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी और बैंक खाते की जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी।
गोण्डा जिले में महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित रखने के लिए गोण्डा पुलिस ने गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया। मिशन शक्ति अभियान फेज के तहत जिले के सभी थानों की मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं से बातचीत की। इस दौरान उन्हें साइबर ठगी से बचने, अपने अधिकारों को जानने और किसी परेशानी में पुलिस की मदद लेने के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस टीमों ने बताया कि आजकल मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। ठग अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों की बैंक संबंधी जानकारी हासिल करते हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी, एटीएम कार्ड का नंबर, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड न बताएं। अनजान नंबर से आने वाले लिंक पर क्लिक करने से भी बचें। टीमों ने महिलाओं और बेटियों को सोशल मीडिया का सावधानी से इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्हें बताया गया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सतर्क रहें। अपनी निजी तस्वीरें और व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन ठगी या सोशल मीडिया पर परेशान किए जाने की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में भी बताया गया। पुलिस टीमों ने कहा कि रास्ते में छेड़छाड़, पीछा करने, अभद्र व्यवहार, घरेलू हिंसा या किसी तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़े तो चुप न रहें। इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। शिकायत मिलने पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी। महिलाओं और बालिकाओं को पढ़ाई जारी रखने, हुनर सीखने और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित किया गया। पुलिस ने समझाया कि किसी भी परेशानी में मदद मांगने से डरने या संकोच करने की जरूरत नहीं है।
मिशन शक्ति टीमों ने महिलाओं को जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी। इनमें महिला सुरक्षा के लिए 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस सहायता के लिए 112, बच्चों की मदद के लिए 1098 और साइबर ठगी की शिकायत के लिए 1930 शामिल हैं। पुलिस टीमों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर इन नंबरों पर फोन करके सहायता मांगी जा सकती है। गोण्डा पुलिस का कहना है कि मिशन शक्ति अभियान के तहत ऐसे कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। पुलिस ने लोगों से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।