सरकारों पर निशाना साधते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि, फैक्ट्रियों, गाड़ियों और ईंट भट्ठों से निकलने वाले धुएं पर एक्शन लेने का यह बिल्कुल सही समय है लेकिन कोई भी सरकार पराली के अहम मुद्दे पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण दिवाली के पटाखों ईंट भट्ठों या औद्योगिक गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण से 100 गुना ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सबका ध्यान कहीं और ही लगा हुआ है जबकि, प्रदूषण के मुद्दे को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है।