शिकायत में आरोप लगाया गया कि लेखपाल ने महिला की वास्तविक स्थिति का मौके पर जाकर सत्यापन किए बिना ही आय से जुड़ी तीन अलग-अलग रिपोर्ट तैयार कर दीं। एक ही व्यक्ति की आय को लेकर इतने कम समय में अलग-अलग रिपोर्ट सामने आने पर मामले को गंभीरता से लिया गया। जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच कराई और लेखपाल के कामकाज में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद लेखपाल दीपक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन की अवधि में उन्हें रजिस्ट्रार कार्यालय, उतरौला से संबद्ध किया गया है। मामले की विभागीय जांच के लिए तहसीलदार उतरौला को जांच अधिकारी बनाया गया है। साथ ही संबंधित लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए आरोप पत्र तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।