
Gonda Police Transfer: गोंडा में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। करीब एक बजे जारी आदेश में 10 निरीक्षकों और चार उपनिरीक्षकों समेत कुल 14 पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए। कई थानों और चौकियों को नए प्रभारी मिले हैं। जबकि कुछ अधिकारियों को अपराध शाखा, एसओजी, सर्विलांस और जन सूचना सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गोंडा पुलिस महकमे में सोमवार देर रात बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा जारी आदेश के तहत जिले में तैनात 14 पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया। इनमें 10 निरीक्षक और चार उपनिरीक्षक शामिल हैं। आदेश जारी होते ही सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए।
जारी सूची के अनुसार, कहोबा चौकी प्रभारी तेज नारायण गुप्ता को मोतीगंज थाने का नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं वजीरगंज थाना प्रभारी रहे विपुल कुमार पांडेय को धानेपुर थाने की कमान सौंपी गई है। खोरहंसा चौकी प्रभारी पवन मिश्रा को उमरी बेगमगंज थाने का नया अध्यक्ष बनाया गया है। दिनेश सिंह को वजीरगंज थाना प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। जबकि राजेश कुमार तिवारी को खरगूपुर थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक फेरबदल के तहत मोतीगंज के पूर्व थानाध्यक्ष यशवंत कुमार सिंह को अपराध शाखा भेजा गया है। उमरीबेगमगंज में तैनात अतिरिक्त निरीक्षक रामाशंकर राय को कर्नलगंज का अतिरिक्त निरीक्षक बनाया गया है। तथा कर्नलगंज के अतिरिक्त निरीक्षक अरविंद कुमार को अपराध शाखा में स्थानांतरित किया गया है।
इसके अलावा विशेष इकाइयों में भी बदलाव किया गया है। आशुतोष सिंह को प्रभारी एसओजी की जिम्मेदारी दी गई है। सुमित्रा को जन सूचना सेल का प्रभारी बनाया गया है। जबकि मनीष कुमार को सर्विलांस सेल का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग का मानना है कि इन बदलावों से अपराध नियंत्रण और सूचना तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। एसपी के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि चंदन कुमार, गोविंद कुमार और अरविंद यादव को पुलिस लाइन भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण, अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस महकमे में हुए इस फेरबदल को जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।