गोंडा

मेले से लौटे युवक की गोली मारकर हत्या; दो दोषियों को उम्रकैद की सजा, 5 साल बाद आया कोर्ट का फैसला

Gonda Rohit Pandey Murder Case: गोंडा के चर्चित रोहित पाण्डेय हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है और जुर्माना लगाया है।
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Jun 17, 2026
Gonda news
सांकेतिक फोटो-पत्रिका

गोंडा जिले में पांच साल पुराने चर्चित रोहित पाण्डेय हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मेले से लौटने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले युवक की हत्या के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पुलिस की प्रभावी पैरवी और ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत हुई कार्रवाई के बाद न्यायालय ने दोनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है।

गोंडा जिले के उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए रोहित पाण्डेय हत्याकांड में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों पर 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दरअसल, बगिया गांव मरगूबपुर के रहने वाले अजय कुमार पाण्डेय ने थाना उमरीबेगमगंज में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका छोटा भाई रोहित पाण्डेय भैरमपुर मेला देखने गया था। अगले दिन सुबह उसकी लाश निबिही बगिया के पास मिली थी। शव के सीने, सिर और हाथ पर गोली लगने के निशान पाए गए थे। परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर पहले से हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया था।

10 फरवरी को दाखिल हुई थी चार्जसीट

शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर खरगूपुर के रहने वाले रंजीत मिश्रा और गुरूदयाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। तत्कालीन विवेचक निरीक्षक करूणाकर पाण्डेय ने साक्ष्य संकलन और अन्य कानूनी कार्रवाई पूरी कर 10 फरवरी 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।

उम्र कैद की सजा के साथ लगा प्रत्येक को 13 हजार का अर्थ दंड

इस मामले को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत चिन्हित किया गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजक अमित पाठक, थाना उमरीबेगमगंज के पैरोकार उपदेश वर्मा तथा कोर्ट मोहर्रिर प्रमोद कुमार ने प्रभावी पैरवी की। सभी पक्षों को सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश दानिश हसनैन की अदालत ने दोनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी ठहराया।

न्यायालय ने रंजीत मिश्रा और गुरूदयाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है। जिससे पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।

Updated on:
17 Jun 2026 06:34 pm
Published on:
17 Jun 2026 06:34 pm