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Gonda Cyber Crime: राजस्थान के इस गांव से चल रहा था साइबर ठगी का खेल, APK फाइल से 5.23 लाख की ठगी

Gonda Cyber Crime: गोंडा में APK फाइल डाउनलोड कराकर 5.23 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गैंग का साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने राजस्थान के सीकर के रहने वाले गैंग सरगना दीपक सिंह तंवर को गिरफ्तार किया। ठगी की रकम से 5-स्टार होटल, फ्लाइट टिकट और महंगे आभूषण खरीदे जाते थे।
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पकड़े गए आरोपी के साथ पुलिस टीम फोटो सोर्स पुलिस विभाग

Gonda Cyber Crime: गोंडा में साइबर ठगी का हैरान करने वाला तरीका सामने आया है। साइबर ठगों ने मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराकर एक व्यक्ति के फोन का एक्सेस हासिल किया। इसके बाद उसके खाते से 5.23 लाख रुपये निकाल लिए। ठगी की रकम से 5-स्टार होटलों की बुकिंग, फ्लाइट टिकट और महंगे सामान खरीदे गए। साइबर थाना पुलिस ने गैंग के सरगना को राजस्थान से गिरफ्तार किया है।

गोंडा साइबर थाना पुलिस ने मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले गैंग के सरगना को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के सीकर जिले के नीम का थाना थाना क्षेत्र के गांव टोडा का रहने वाला दीपक सिंह तंवर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, जिले के आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव के मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराई गई थी। इसके बाद साइबर ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। बैंक खाते से 5.23 लाख रुपये निकाल लिए।

ऐशो-आराम पर खर्च करते थे ठगी की रकम

ठगी की रकम का इस्तेमाल ऐशो-आराम की चीजों पर किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि रकम से MakeMyTrip के माध्यम से अलग-अलग 5-स्टार होटलों की बुकिंग की गई। इसके अलावा कुछ रकम IDFC बैंक की ओर से डिजिटल रूप से दिए गए क्रेडिट कार्ड में सेटल की गई थी। मामले में राजेंद्र कुमार ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके आधार पर साइबर थाना गोंडा में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो ठगी के पीछे सक्रिय गैंग का पता चला और उसके सरगना दीपक सिंह तंवर को गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे करते थे ठगी

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सदस्य लोगों के मोबाइल में APK मालवेयर डाउनलोड कराते थे। इसके बाद मोबाइल का एक्सेस हासिल कर बैंक खातों से रकम निकाली जाती थी। ठगी की रकम अलग-अलग सिम से खोले गए डिजिटल बैंक खातों में भेजी जाती थी।
इसके बाद रकम को FD में बदलकर उसके आधार पर डिजिटल क्रेडिट कार्ड लिया जाता था। इस क्रेडिट कार्ड से तनिष्क के आभूषण, फ्लाइट टिकट और दूसरी महंगी चीजें खरीदी जाती थीं। खरीदारी के बाद क्रेडिट कार्ड बंद कराने के लिए क्लोजर रिक्वेस्ट डाल दी जाती थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने नाम से कोई सिम कार्ड या बैंक खाता इस्तेमाल नहीं करता था। गिरफ्तारी के बाद साइबर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया।