बृजभूषण को बर्थडे पर ढाई करोड़ का घोड़ा गिफ्ट करने वाला परिवार प्रधानमंत्री आवास के सामने रहता है। इनके पास दुबई और लंदन के भारी संख्या में घोड़ों की फौज है। आइये जानते हैं कौन है कंवर रवि चौहान?
गोंडा में अपने जन्मदिन के मौके पर बृजभूषण शरण सिंह को खास तोहफे मिले। हरियाणा के कंवर रवि चौहान और उनकी पत्नी ने घोड़ा भेंट कर सबका ध्यान खींचा। घोड़ों के प्रति प्रेम और परंपरा की झलक इस आयोजन में साफ दिखी।
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के जन्मदिन समारोह में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। उन्हें ढाई करोड़ का घोड़ा उपहार में मिला है। यह तोहफा हरियाणा के रविंद्रगढ़ से ताल्लुक रखने वाले कंवर रवि चौहान और उनकी पत्नी ने दिया। फिलहाल दिल्ली में रहने वाले चौहान दंपती ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के सामने उनका घर है। जहां अक्सर बृजभूषण से मुलाकात होती रहती है। दिल्ली में उनके पास तीन सौ की संख्या में घोड़े हैं। और देश-विदेश में भी उनका घोड़ों का नेटवर्क फैला हुआ है।
चौहान दंपती का कहना है कि बृजभूषण शरण सिंह का घोड़ों के प्रति लगाव, सम्मान और देखभाल का तरीका उन्हें बेहद पसंद है। इसी वजह से उन्होंने जन्मदिन पर घोड़ा भेंट कर उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया। इस फैसले में पत्नी की अहम भूमिका रही। जिनकी सलाह पर यह खास तोहफा चुना गया।
मंच से बृजभूषण शरण सिंह ने खुद कंवर रवि चौहान और उनकी पत्नी का परिचय कराया। उनकी तारीफ की। उन्होंने बताया कि चौहान परिवार क्षत्रिय समाज से आता है। और खेती-किसानी से भी जुड़ा है। उन्होंने खास तौर पर अनीता देवी की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने घोड़े की देखभाल खुद करती हैं। घास काटने से लेकर उसकी देखरेख तक में कोई कमी नहीं छोड़तीं। मजदूरों के साथ ट्रैक्टर से घास कटवाना और बिना घोड़े पर चढ़े उसकी सेवा करना उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है।
बृजभूषण ने एक किस्सा भी साझा किया। जब चौहान उनके घर आए थे। गाड़ी में घास रखी हुई थी। पूछने पर पता चला कि फार्म पर अच्छी घास मिली थी। इसलिए साथ ले आए। उनके अनुसार, यह अपने जानवरों के प्रति सच्ची निष्ठा का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि चौहान परिवार के पास सैकड़ों घोड़े हैं। जिनमें कुछ दुबई और लंदन में भी हैं। और वे चाहते हैं कि बेटियां इससे प्रेरणा लें। जन्मदिन पर बृजभूषण शरण सिंह को एक और महंगा तोहफा भी मिला। करीब ढाई करोड़ रुपये कीमत का यह घोड़ा लंदन से लाया गया है। यह एक विशेष नस्ल का है।