यूपी के गोंडा जिले में नाबालिक के केस में 77 दिन बाद भी कार्रवाई न होने पर IG ने कड़ा एक्शन लिया है। एक इंस्पेक्टर सस्पेंड, दूसरे पर जांच, CO-ASP से जवाब तलब, जानिए पूरा मामला जिसने मचा दी हलचल।
यूपी के गोंडा जिले में नाबालिग बालिका के अपहरण के आरोपी ने जमानत पर छूटने के बाद पीड़िता से जुड़े कुछ आपत्तिजनक वीडियो और फोटो वायरल कर दिया। जिसकी शिकायत पीड़िता की मां ने देवीपाटन रेंज के आईजी अमित पाठक से की। जिस पर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। फिर भी आदेश के 77 दिन बाद तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिस पर आईजी ने प्रभारी निरीक्षक खरगूपुर को सस्पेंड करने का आदेश दिया। वही बाइक चोरी प्रकरण में कर्नलगंज कोतवाल द्वारा रिपोर्ट न दर्ज करने पर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही पर्यवेक्षण अधिकारी CO औऱ एडिशनल एसपी पूर्वी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
गोण्डा जिले में नाबालिग अपहरण और उससे जुड़े संवेदनशील मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है। आईजी अमित पाठक के निर्देश पर थाना खरगूपुर के प्रभारी निरीक्षक शेषमणि पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह मामला तब तूल पकड़ा। जब पीड़िता की मां ने आईजी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी नाबालिग बेटी को विनय नामक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इस पर थाना खरगूपुर में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने बालिका को बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
लेकिन आरोपी के जमानत पर रिहा होने के बाद हालात और गंभीर हो गए। आरोप है कि उसने पीड़िता से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इस पर आईजी ने तत्काल नया मुकदमा दर्ज करने, आरोपी की जमानत निरस्त कराने और उसकी दोबारा गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद करीब 77 दिनों तक खरगूपुर पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता की मां ने दोबारा शिकायत करते हुए बताया कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है। जिससे उसका मनोबल बढ़ता जा रहा है। और परिवार दहशत में है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने खुद थाना खरगूपुर पहुंचकर जांच की। जांच में सामने आया कि न तो विवेचना समय पर की गई। न ही जमानत निरस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। और न ही गिरफ्तारी के लिए बाहर जाकर प्रयास किए गए। यहां तक कि वायरल हो रहे वीडियो को हटाने के लिए भी जरूरी कार्रवाई नहीं की गई। इन सभी बिंदुओं को गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही क्षेत्राधिकारी नगर और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। देवीपाटन रेंज के आईजी अमित पाठक ने स्पष्ट किया कि संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गोंडा जिले के कर्नलगंज कोतवाली के गांव बटौरा बख्तावर सिंह (हथिया परास) के रहने वाले श्री चंद तिवारी ने 19 फरवरी को उसकी मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। इसके संबंध में 21 फरवरी को प्रार्थना पत्र देकर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई। लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने 18 मार्च को आईजी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। जिस पर आईजी ने एक टीम कर्नलगंज कोतवाली भेज कर जांच कराई। जिसमें पाया गया कि प्रभारी निरीक्षक द्वारा आवेदक के प्रार्थना पत्र को जनशिकायत रजिस्टर में अंकित नहीं कराया गया है। और न ही अब तक अभियोग पंजीकृत किया गया है। अपराध को छिपाने तथा अभियोग पंजीकृत न किये जाने के सम्बन्ध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली करनैलगंज के के खिलाफ प्रारम्भिक जांच के आदेश दिए गए हैं।