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गोंडा में बिजली संकट पर का बड़ा एक्शन, 8 दिन से अंधेरे में गांव, अब अफसरों के घर भी कटेगी बिजली, आदेश से मचा हड़कंप

गोंडा में आंधी और बारिश के बाद धानेपुर व मेहनौन क्षेत्र के कई गांव आठ दिन से अंधेरे में हैं। बिजली बहाली में लापरवाही मिलने पर मुख्य अभियंता ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो संबंधित अफसरों के सरकारी आवासों की बिजली भी काट दी जाएगी।

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मुख्य अभियंता कार्यालय फोटो सोर्स पत्रिका

मुख्य अभियंता कार्यालय फोटो सोर्स पत्रिका

गोंडा जिले में आंधी और बारिश के बाद कई इलाकों की बिजली व्यवस्था अब तक पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है। धानेपुर और मेहनौन क्षेत्र में आठ दिन बाद भी कई गांवों में बिजली नहीं पहुंची। मामले को गंभीर मानते हुए देवीपाटन क्षेत्र के मुख्य अभियंता ने संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। उनके सरकारी आवासों की बिजली काटने तक के निर्देश दे दिए हैं।

गोंडा में चार मई को आई तेज आंधी और बारिश से बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। कई जगह बिजली के खंभे टूट गए और तार क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे बड़ी संख्या में गांवों और मोहल्लों की आपूर्ति ठप हो गई। सबसे ज्यादा असर मनकापुर विद्युत वितरणखंड के धानेपुर और मेहनौन क्षेत्र में देखने को मिला। देवीपाटन क्षेत्र के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि पूरे जिले में करीब एक हजार बिजली के खंभे टूटे थे। इनमें धानेपुर और मेहनौन क्षेत्र में ही चार सौ से ज्यादा खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बावजूद बिजली विभाग समय रहते व्यवस्था ठीक नहीं कर सका। सोमवार तक भी कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो सकी।

अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल, कार्यों की समीक्षा में खुली पोल

मुख्य अभियंता लगातार मनकापुर के अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारियों से संपर्क में थे। उन्होंने जल्द खंभे बदलने और बिजली चालू कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही अतिरिक्त एजेंसियां लगाकर तेजी से काम कराने को भी कहा गया था। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद मुख्य अभियंता ने वर्चुअल बैठक कर मरम्मत कार्य की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि धानेपुर में अभी भी 150 और मेहनौन में 105 खंभे बदले जाने बाकी हैं। जांच में यह भी पता चला कि आठ मई तक केवल एक एजेंसी ही काम कर रही थी। बाद में नौ मई को तीन और एजेंसियां लगाई गईं। अधिकतर खंभे भी देर से भंडार से निकाले गए। इससे अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठे।

बिजली व्यवस्था जल्द बाहर नहीं हुई तो अधिकारियों के आवास की कटेगी बिजली

मुख्य अभियंता ने माना कि संबंधित अधिकारियों ने नुकसान का सही आकलन नहीं किया। काम की निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती। इसी कारण उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली संकट झेलना पड़ा। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हुई। कड़े कदम उठाते हुए मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं होती है। तो अवर अभियंता धानेपुर ज्ञानेश चौहान, अवर अभियंता मेहनौन अवनीश पांडेय और उपखंड अधिकारी शेष मणि त्रिपाठी के आवासों की बिजली काट दी जाए। उनका कहना है कि इससे अधिकारियों को आम लोगों की परेशानी का एहसास होगा। स्थानीय लोगों ने भी विभाग पर नाराजगी जताई है। धानेपुर और आसपास के कई क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि आंधी के बाद से अब तक बिजली की समस्या बनी हुई है। विभाग की ओर से तेजी से काम नहीं किया गया।

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