अयोध्या तपस्वी छावनी के महंत जगतगुरु परमहंस दास ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान शाहरुख खान और जेएनयू विवाद तथा हिंदू राष्ट्र को लेकर कई तीखे बयान दिया।
गोंडा जिले के नंदिनी निकेतन में चल रही आठ दिवसीय राष्ट्रकथा के मंच से रविवार को तपस्वी छावनी अयोध्या के महंत जगतगुरु परमहंस दास ने कई विवादित बयान दिए। उन्होंने राजनीति, राष्ट्रवाद, जेएनयू, बाबरी मस्जिद और फिल्म अभिनेता शाहरुख खान से जुड़े मुद्दों पर तीखी टिप्पणियां कीं।
नंदिनी निकेतन में आयोजित राष्ट्रकथा में कथा में शामिल होने पहुंचे महंत जगतगुरु परमहंस दास ने आयोजक और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को आशीर्वाद दिया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने देश-विदेश से जुड़े कई संवेदनशील विषयों पर अपनी राय रखी। जिससे माहौल गरमा गया।
शाहरुख खान को लेकर चल रहे विवाद पर बोलते हुए महंत परमहंस दास ने बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुस्तक पाकिस्तान एंड द पार्टिशन ऑफ इंडिया का हवाला देते हुए कहा कि मुसलमान राष्ट्रभक्ति नहीं निभा सकता। इसके साथ ही उन्होंने अभिनेता शाहरुख खान पर भारत से कमाई कर बाहरी देशों को लाभ पहुंचाने जैसे आरोप लगाए। हालांकि ये सभी बयान उनके निजी दावे बताए गए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन लोगों पर देश के खिलाफ काम करने का शक हो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही साधु-संतों की राजनीति में सक्रिय भूमिका की बात कहते हुए महंत ने खुद को भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा बताया और कहा कि आने वाले 2029 के चुनाव में वे भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर बोलते हुए परमहंस दास ने कहा कि किसी भी स्थान पर इस तरह का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। और अगर ऐसा प्रयास हुआ तो उसका विरोध किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में चल रहे विवाद पर भी उन्होंने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। कहा कि जो बनाएगा उसकी कब्र बनेगी।
जेएनयू में कथित नारों के मामले पर महंत ने इसे राष्ट्र विरोधी गतिविधि बताया और प्रदर्शन में शामिल लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।
हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर महंत परमहंस दास ने कहा कि देश की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए हिंदू राष्ट्र जरूरी है। उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और कश्मीर के उदाहरण देते हुए कहा कि जहां हिंदुओं की आबादी कम हुई, वहां उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। उनके बयानों के बाद कार्यक्रम और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।