गोंडा

गोंडा के कार्तिकेय सिंह ने रचा इतिहास! दूसरे प्रयास में UPSC पास, 269वीं रैंक पाकर बढ़ाया जिले का मान

UPSC 2025 में 269वीं रैंक हासिल कर गोंडा के कार्तिकेय सिंह ने बड़ी सफलता पाई। IIT मुंबई से बीटेक के बाद दूसरे प्रयास में परीक्षा पास कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया।

2 min read
Mar 06, 2026
कार्तिकेय सिंह फोटो सोर्स परिजन

गोंडा जिले के मधईपुर गांव के रहने वाले कार्तिकेय सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 269वीं रैंक हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। यह सफलता उन्हें दूसरे प्रयास में मिली। आईआईटी से बीटेक करने के बाद उन्होंने पूरी मेहनत से यूपीएससी की तैयारी की और आखिरकार सपना साकार कर दिखाया।

गोंडा जिले के मधईपुर गांव के रहने वाले कार्तिकेय सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2025 की परीक्षा में 269वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। कार्तिकेय कैसरगंज के सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह के बड़े बेटे हैं। उन्होंने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में हासिल की है।

12वीं तक की शिक्षा गोंडा में हुई

कार्तिकेय की शुरुआती पढ़ाई गोंडा में ही हुई। उन्होंने कक्षा 1 से 10 तक की शिक्षा रघुकुल विद्यापीठ, गोंडा से पूरी की और वर्ष 2015 में हाईस्कूल पास किया। इसके बाद उन्होंने फातिमा इंटर कॉलेज, सर्कुलर रोड से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई की और वर्ष 2017 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की।

IIT मुंबई से बीटेक की डिग्री लेने के बाद शुरू की सिविल सेवा की तैयारी

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद कार्तिकेय ने उच्च शिक्षा के लिए Indian Institute of Technology Bombay में प्रवेश लिया। यहां से उन्होंने 2021 में बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। पहले प्रयास में वह कुछ अंकों से इंटरव्यू तक नहीं पहुंच पाए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में 269वीं रैंक हासिल कर ली। कार्तिकेय के पिता संजीव सिंह ने बताया कि उनके बेटे ने इंटरमीडिएट के समय ही तय कर लिया था कि उसे यूपीएससी की परीक्षा पास करनी है। जब वह इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कोटा गया था। तभी उसने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य बना लिया था।

बेटे की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल

कार्तिकेय के छोटे भाई मार्कण्डेय सिंह Allahabad High Court की लखनऊ बेंच में अधिवक्ता हैं। वहीं उनकी मां किरण सिंह डाक विभाग में डाक अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। संजीव सिंह का कहना है कि बच्चों को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए परिवार का पूरा सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने हमेशा अपने बेटे से कहा कि वह जो भी करना चाहता है। पूरे मन से करे। परिवार उसका पूरा साथ देगा। बेटे की इस सफलता से परिवार बेहद खुशी का माहौल है।

Updated on:
06 Mar 2026 05:53 pm
Published on:
06 Mar 2026 05:51 pm
Also Read
View All

अगली खबर