
Kawad Yatra 2025: श्रावण मास में होने वाली कावड़ यात्रा को लेकर देवीपाटन मंडल आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने मंडल के सभी जनपदों के डीएम व एसपी को दिशा निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो वहां पर भारी वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाते हुए भारी वाहनों के रूट डायवर्जन की तिथियों एवं मार्ग का व्यापक प्रचार-प्रसार दैनिक समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से कराया जाय एवं एडवाइजरी भी जारी की जाये।
Kawad Yatra 2025: आयुक्त ने सभी डीएम व एसपी को निर्देश दिए कि कांवड़ियों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए मुख्य मार्गों एवं व्यस्ततम बाजारों में उन्हें जागरूक किये जाने के लिए विभिन्न स्लोगन, फोन नम्बर के प्लेकार्ड, पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स बोर्ड, होर्डिंग बनाकर लगवाये जायें। जहाँ से कांवड़िये प्रस्थान करें। सम्बन्धित जिले के प्रभारी डीजे प्रबन्धकों को उच्च न्यायालय के निर्णय से अवगत कराने के लिए नोटिसें अवश्य तामील करायें। निर्धारित डेसिबल पर ही डीजे की ध्वनि रखी जाय। जहाँ पर प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैरियर आदि लगाने की आवश्यकता है। तदनुसार कार्रवाई करायी जाये।
श्रावण मास के सोमवार व श्रावण शिविरात्रि के अवसर पर जलाभिषेक के लिए शिव मन्दिरों में काफी संख्या में श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से आते हैं। समुचित स्थान पर वाहन पार्किगं न होने के कारण जाम एवं दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अतएव पूर्व से प्रमुख मन्दिरों से कुछ दूरी पर उचित स्थान चिन्हित करके वाहन पार्किंग की व्यवस्था करा ली जाय।
महत्वपूर्ण तिथियों व स्थानों पर मांस-मछली-अण्डे एवं शराब की बिक्री पर के लिए विचार कर लिया जाय। ताकि आयोजन यात्रा के दौरान शराब के सेवन से किसी प्रकार की दुर्घटना अथवा घटना न होने पाये और न ही साम्प्रदायिक उन्माद अथवा विवाद फैलने पाये। रेलवे के अधिकारियों के सहयोग से यह सुनिश्चित करा लिया जाय कि ट्रेनो की छतों पर कोई श्रद्धालु आम यात्री चढ़कर यात्रा न करने पाये। कई स्थानों पर विद्युतीकरण अथवा ब्रिज, ओवर हेड फुटपाथ आदि को लेकर पूर्व में घटनाएँ घटित हो चुकी हैं। सुनिश्चित किया जाये कि किसी उद्गम श्रोत से काँबडिये डीजे म्यूजिक लाउडस्पीकर /घातक हथियार अथवा सामाग्री साथ लेकर न चलें। पूर्व से उद्घोषणा भी करा दी जाये।
यातायात नियंत्रण की दृष्टि से वैकल्पिक मार्गों/पार्किंग एरिया/कांवडियों के कैम्प स्थलों आदि की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाय। खाद्य एवं रसद विभाग से समन्वय स्थापित कर इस बात पर ध्यान रखा जाय कि "फूड प्वाइजनिंग' की कोई घटना घटित न होने पाये। इसी प्रकार मादक पदार्थों की ब्रिकी की रोकथाम पर भी ध्यान अपेक्षित है।
सभी प्रकार की आकस्मिकताओं के दृष्टिगत बचाव राहत योजनाएँ पहले से तैयार रखें। तथा इसमें सभी विभागों का सहयोग प्राप्त किया जाय। काँवड़ यात्रा के दृष्टिगत सम्पूर्ण मार्ग की पेट्रोलिंग समय से करा ली जाय। जहाँ कहीं भी बिजली के तार दीले अथवा जर्जर है। उन्हें समय से बदलवाने/सुधार की व्यवस्था करा ली जाय। इसके अतिरिक्त काँवड़ यात्रा के मार्ग एवं महत्वपूर्ण शिव मन्दिर के आस-पास यदि कहीं ट्रांसफारमर खुले एवं पहुँच के भीतर है। तो उनकी गार्डिंग करा ली जाय।