Mahila nasabanadi: डॉक्टर ने अपना टारगेट पूरा करने की चिंता में गर्भवती महिला की नसबंदी कर दी। 15 दिन बाद जब महिला की हालत बिगड़ी तो डॉक्टरो ने हाथ खड़े कर दिए। जिसके बाद महिला को निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। जहां पर ऑपरेशन के बाद महिला की जान बची।
Mahila nasabanadi: गोंडा में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई हैं। सीएचसी में गर्भवती महिला की जांच किए बिना ही नसबंदी कर दी गई। 15 दिन बाद जब महिला की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे सीएचसी लेकर आए। जहां पर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। जिसके बाद आनन फानन में महिला को दूसरे निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां उसका ऑपरेशन किया गया। तब जाकर महिला की जान बच पाई।
Mahila nasabanadi: गोंडा जिले के करनैलगंज कोतवाली के गांव पड़रिया मर्दन सिंह के रहने वाले कंधई लाल मजदूरी का काम करते हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। कंधई लाल की पत्नी रूमा गर्भवती थी। लेकिन उसे इस बात की जानकारी नहीं थी। इस बीच वहां काम करने वाली एक आशा वर्कर ने उसे नसबंदी के लिए अपने साथ सीएचसी ले गई। जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच किए बिना ही नसबंदी का ऑपरेशन कर दिया।
ऑपरेशन के एक पखवाड़े बाद रूमा की तबीयत बिगड़ने लगी। जिसके बाद उसे फिर से अस्पताल ले जाया गया। लेकिन तब तक उसकी हालत इतनी ख़राब हो गई थी कि डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए। जिसके बाद महिला को गोंडा के ही एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया। तो पता चला कि महिला गर्भवती थी। जिसके बाद महिला का ऑपरेशन किया गया। तब कहीं जाकर उसकी जान बच पाई। लेकिन गर्भ में पल रहे शिशु की जान चली गई।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. संत प्रताप वर्मा ने बताया कि बिना जांच के ऑपरेशन नहीं किया जाता है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।