गोंडा में राष्ट्रकथा कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर क्षत्रिय समाज के सबसे बड़े नेता को लेकर बहस छिड़ गई। बृजभूषण शरण सिंह, राजा भैया और अभय सिंह की तुलना होने लगी।
Who is Biggest Leader of Rajput Community: उत्तर प्रदेश के गोंडा में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा आयोजित भव्य राष्ट्रकथा कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर क्षत्रिय समाज के नेताओं को लेकर बहस छिड़ गई। लोग बृजभूषण शरण सिंह की तुलना राजा भैया (रघुराज प्रताप सिंह) और अभय सिंह जैसे नेताओं से करने लगे। चर्चा यह थी कि क्षत्रिय समाज का सबसे बड़ा ठाकुर नेता कौन है? इससे नाराज होकर बृजभूषण ने एक वीडियो जारी किया और अपनी स्थिति साफ की।
राष्ट्रकथा में कई क्षत्रिय नेता शामिल हुए, लेकिन राजा भैया नहीं पहुंचे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट आने लगे कि बृजभूषण या राजा भैया में से बड़ा नेता कौन। कुछ लोगों ने अभय सिंह का भी नाम लिया। इस बहस ने समाज में बंटवारा पैदा करने की कोशिश की। बृजभूषण को एक ऐसी पोस्ट देखकर बहुत तकलीफ हुई, जिसमें सीधे तुलना की गई थी।
बृजभूषण ने वीडियो में कहा कि राष्ट्रकथा का मकसद समाज को जोड़ना था, तोड़ना नहीं। उन्होंने कहा कि जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। मतलब हर कोई अपनी नजर से देखता है। उन्होंने अपील की कि सोशल मीडिया पर ऐसी बकवासबाजी बंद हो। राजा भैया को उन्होंने छोटे भाई और अपने बच्चों के दोस्त जैसा बताया। राजा भैया के पिता महाराज उदय प्रताप सिंह को अपना आदर्श बताया और कहा कि उनका इतिहास जानिए।
बृजभूषण ने साफ कहा कि राजनीति में राजनाथ सिंह ही सबसे बड़े क्षत्रिय नेता हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि अभी राजनाथ सिंह बैठे हैं, वे हम सबसे बड़े हैं। समाज को इस तरह बांटने की कोशिश न की जाए। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि ऐसे पोस्ट समाज में विभाजन फैलाते हैं। राजनाथ सिंह को सर्वोच्च मानते हुए उन्होंने सभी से एकजुट रहने की अपील की।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि बृजभूषण की नाराजगी उन नेताओं पर ज्यादा है, जो राष्ट्रकथा में शामिल नहीं हुए। कार्यक्रम में पूर्वांचल के कई बाहुबली क्षत्रिय नेता एक मंच पर आए थे। यह आयोजन समाज को मजबूत करने के लिए था। बृजभूषण चाहते हैं कि क्षत्रिय समाज एक रहे, न कि तुलना और झगड़े में उलझे। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जातिगत मुद्दा चर्चा का विषय बनता जा रहा है, जो चुनाव पर असर डालेगा।