गोंडा

यूपी में पंचायत चुनाव: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI ने पकड़े डुप्लीकेट मतदाता, अब एक से अधिक ग्राम पंचायत में नहीं रहेंगे नाम

यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारी जोरो से चल रही है। पंचायत की मतदाता सूची में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट मतदाता पकड़े गए हैं। अब बी.एल.ओ घर- घर जाकर आधार कार्ड से सत्यापन करेंगे। इसके लिए डेडलाइन निर्धारित कर दी गई है।
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Aug 31, 2025
पंचायत चुनाव
फोटो सोर्स पत्रिका

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान शुरू हो गया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से अलग-अलग गांवों में एक जैसे नाम वाले यानी डुप्लीकेट वोटर चिन्हित किए गए हैं। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिए हैं कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर इन नामों की वास्तविकता की जांच करें। यदि किसी व्यक्ति का नाम एक से ज्यादा ग्राम पंचायतों की सूची में दर्ज पाया जाता है, तो उसे हटाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में लगभग 12 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। लेकिन सत्यापन के बाद करीब सवा करोड़ नाम कम हो सकते हैं। यह प्रक्रिया बिहार की तरह चरणबद्ध ढंग से चल रही है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि जब एआई टूल से सूची की जांच हुई तो कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए। एक रिपोर्ट के मुताबिक नाम और पिता के नाम में 80 प्रतिशत तक समानता मिली है।
जांच में पाया गया कि एक ही व्यक्ति का नाम कभी आगे और कभी पीछे उपनाम जोड़कर अलग-अलग पंचायतों में दर्ज किया गया। कहीं उम्र और लिंग बदलकर वही नाम दोबारा शामिल किया गया। एआई ने मतदाता और उसके पिता के नाम में 80 प्रतिशत से ज्यादा समानता वाले रिकॉर्ड को संदिग्ध मानकर रिपोर्ट दी है। अब इन मामलों का भौतिक सत्यापन बीएलओ करेंगे।

आधार कार्ड से होगी पहचान की पुष्टि

सत्यापन के दौरान बीएलओ मतदाताओं के आधार कार्ड भी देखेंगे। एक क्षेत्र का अधिकारी जरूरत पड़ने पर दूसरे क्षेत्र के बीएलओ या एसडीएम से बातचीत कर क्रॉस-चेक करेगा। अभी यह जांच केवल ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्रित है। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति का नाम नगर निकाय और ग्राम पंचायत दोनों जगह पाया गया और शिकायत हुई, तो उस पर भी कार्रवाई होगी।

29 सितंबर है डेडलाइन

चुनावी आयोग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस विशेष अभियान के तहत डुप्लीकेट नामों की पहचान और हटाने की प्रक्रिया 29 सितंबर तक पूरी कर ली जाए।

Updated on:
31 Aug 2025 09:48 am
Published on:
31 Aug 2025 09:48 am