राष्ट्रकथा के समापन के बाद रितेश्वर महाराज के विदाई का पल था। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कई बड़े बयान दिया। कहा कि बृजभूषण हमारे पुत्र हैं। एक दिन नंदिनी नगर, गोनार्द की भूमि भारत को लीड करेगी।
गोंडा के नंदिनी नगर में आयोजित सफल राष्ट्र कथा के समापन के बाद शनिवार को संत रीतेश्वर महाराज पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के शूटिंग रेंज पहुंचे। यहां उन्होंने राइफल से निशाना साधकर लक्ष्य हासिल किया। बृजभूषण शरण सिंह के भूमिका की सराहना की।
गोंडा जिले के नंदिनी नगर में आयोजित राष्ट्र कथा के समापन के बाद संत रीतेश्वर महाराज ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के शूटिंग रेंज में पहुंचकर राइफल से निशाना लगाया। उन्होंने सफलतापूर्वक टारगेट अचीव किया। इस दौरान उनके साथ सांसद करण भूषण सिंह, विधायक प्रतीक भूषण सिंह और परिवार के बच्चे भी मौजूद रहे। बच्चों ने भी गुरु जी के सामने शूटिंग में हाथ आजमाया।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में रीतेश्वर महाराज ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह उन्हें पुत्र समान हैं। उन्होंने कहा, “बृजभूषण का मन और हृदय निश्छल है। जिस तरह उन्होंने जनजातीय समाज को मंच पर स्थान दिया। उससे साफ दिखता है कि वे समाज को पहचानने और आगे बढ़ाने की सोच रखते हैं।”
रीतेश्वर महाराज ने नंदिनी निकेतन को भारत का सांस्कृतिक केंद्र बताते हुए कहा कि जैसे अयोध्या भारत की सांस्कृतिक पहचान है। वैसे ही आने वाले वर्षों में नंदिनी नगर भी भारत को दिशा देता हुआ दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र कथा एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके लिए बृजभूषण शरण सिंह को हमेशा याद किया जाएगा। उनके अनुसार, विश्व में यदि पहली राष्ट्र कथा का इतिहास लिखा जाएगा। तो यह कथा उसमें प्रमुख स्थान रखेगी।
उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि राष्ट्र, छात्रों और समाज को आगे ले जाने की उनकी जिद और प्रभुत्व सकारात्मक है। जो शांति, स्वास्थ्य और आनंद का संदेश देता है। रीतेश्वर महाराज ने बताया कि वे स्वयं एनसीसी कैडेट रह चुके हैं। राइफल चलाने का अनुभव रखते हैं। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को हर विधा में दक्ष होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह की गौशाला का भ्रमण किया। गायों को गुड़ खिलाया, घोड़ों को देखा और आवास परिसर में बने बैडमिंटन स्टेडियम में बैडमिंटन टूर्नामेंट का उद्घाटन भी किया।