
बृजभूषण शरण सिंह फोटो सोर्स @b_bhushansharan insta account
बहुचर्चित भाजपा नेता और कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर राजनीति में वापसी के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि वे जीवित रहे तो 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे। गोंडा में आयोजित ‘राष्ट्रकथा’ कार्यक्रम को उनकी राजनीतिक सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है।
कैसरगंज से छह बार सांसद रह चुके भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण वे 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाए थे। लेकिन अब उन्होंने 2029 में चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है। अपने एक बयान में उन्होंने साफ कहा कि अगर वे जीवित रहे तो लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की कोशिश करेंगे। लेकिन टिकट न मिलने की स्थिति में भी चुनाव लड़ेंगे।
1 जनवरी से शुरू हुआ यह धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन गुरुवार को संपन्न हुआ। इसे केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने वाला कार्यक्रम भी माना जा रहा है। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत, राजनीतिक नेता और आम लोग शामिल हुए।
बृजभूषण शरण सिंह देविपाटन मंडल की तीन लोकसभा सीटों से सांसद रह चुके हैं। लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में प्रभाव रखने वाले बृजभूषण इस मंच के जरिए एक बार फिर अपनी सक्रियता दिखाते नजर आए। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, एके शर्मा और दिनेश सिंह सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे।
इसी सप्ताह बृजभूषण शरण सिंह का 69वां जन्मदिन भी मनाया गया। इस मौके पर उन्होंने 10 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। नंदिनी निकेतन मंदिर में पूजा-अर्चना की। हरियाणा के एक दंपती ने उन्हें लंदन से मंगाया गया घोड़ा उपहार में दिया। जो चर्चा का विषय रहा। जन्मदिन समारोह में करीब 2,000 साधु-संत और स्कूली बच्चे शामिल हुए। उन्होंने करीब पांच लाख लोगों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन भी किया। कुल मिलाकर, ‘राष्ट्रकथा’ और जन्मदिन समारोह के जरिए बृजभूषण शरण सिंह ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है। कि वे आने वाले समय में फिर से सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में हैं।
बृजभूषण सिंह ने आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने का खुला ऐलान कर दिया है। पिछले दिनों उनके बेटे करण भूषण सिंह भी एक बयान दे चुके हैं। कि इस बार वह पिता पुत्र दोनों संसद जाएंगे। करण भूषण कैसरगंज लोकसभा सीट से सांसद हैं। इस बार वह बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार लोकसभा पहुंचे हैं। चर्चाओं पर भरोसा किया जाए तो अयोध्या से भी बृजभूषण सिंह चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है। अपने एक बयान में उन्होंने कहा था कि जनता जहां से चुनाव लड़ाएगी। वहां से वह चुनाव लड़ेंगे।
पूर्वांचल के बड़े नेताओं में बृजभूषण सिंह का नाम शुमार है। देवीपाटन मंडल के गोंडा- बहराइच बलरामपुर कई विधानसभा सीटों पर अच्छा खासा प्रभाव है। इन तीन जिले की लगभग विधानसभा सीटों पर बिना इनके आशीर्बाद के किसी भी प्रत्याशी को चुनाव जीतना आसान नहीं होता है।
Updated on:
9 Jan 2026, 3:58 PM IST
Published on:
9 Jan 2026, 3:58 PM IST
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