
मुख्य अभियंता तथा विद्युत लाइन फोटो सोर्स पत्रिका
यूपी के गोंडा जिले में बिजली विभाग का कारनामा पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। एक प्लाट तक लाइन पहुंचने के लिए विभाग में 9 लाख का एस्टीमेट पेंडिंग है। इधर जुगाड़ के बल पर एक संविदा लाइनमैन ने 11 केवीए की पूरी लाइन परिक्रमा मार्ग पर बना दी। जब इस लाइन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो जिम्मेदारों की नींद टूट गई। अब मुख्य अभियंता ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर अभियंता ने जांच के आदेश दिए हैं।
गोंडा जिले के नवाबगंज क्षेत्र के गांव तुलसीपुर माझा में बिना एस्टीमेट पास हुए एक प्लांट तक जाने के लिए 11 केवीए की लाइन बना दी गई। जबकि इस लाइनमैन को बनाने के लिए विभाग में 9 लाख का एस्टीमेट अभी पेंडिंग पड़ा हुआ है। लेकिन अगर जेब में पैसे हो और जुगाड़ हो आपके पास हो तो विभाग के ताम-धाम की कोई जरूरत नहीं है। अब इस विद्युत लाइन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद विभाग की पोल खुलते ही जिम्मेदारों ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर जांच के आदेश दे दिए। आरोप है कि एक संविदा लाइनमैन ने जुगाड़ के बल पर इस पूरी लाइन को तैयार कर दिया। लेकिन सवाल अब यह उठ रहा है कि लाइन बनने के लिए संविदा कर्मी को पोल- तार और क्रॉस आर्म कहां से मिले। इस लाइन को तैयार करने में संविदा कर्मी के अलावा विभाग और किन कर्मचारियों की मिलीभगत थी। इन सवालों का जवाब विभाग के किसी भी अधिकारी के पास नहीं है।
इस पूरे प्रकरण पर विभाग के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली है कि बिना एस्टीमेट के कोई लाइन शिफ्ट कर दी गई है। इसके लिए मैंने एक जांच समिति का गठन किया है। जिसमें एक अधिशासी अभियंता सुनील कुमार गुप्ता, SDO पीयूष सिंह अकाउंटेंट अजय कुमार को नामित किया गया है। इनको निर्देश दिया गया है की जांच करके तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट दें। यह मामला तुलसीपुर माझा गांव का बताया जा रहा है। जो 84 कोसी परिक्रमा मार्ग में पड़ता है। जांच रिपोर्ट मिलते ही इसमें हम कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे। समिति पूरी रिपोर्ट देगी। कितने का एस्टीमेट बना था। एस्टीमेट के आधार पर काम क्यों नहीं हुआ। यह सब रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। इस पूरे मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
25 Feb 2026 02:12 pm
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