गोंडा

यूपी का पावर शो! सालों बाद एक मंच पर दिखे पूर्वांचल के 4 बाहुबली, तस्वीरों ने बढ़ाई सियासी धड़कन

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के राष्ट्रकथा महोत्सव में पूर्वांचल के चार प्रमुख बाहुबली नेता एक साथ नजर आए। धनंजय सिंह, बृजेश सिंह, सुशील सिंह और बृजभूषण सिंह ने सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज का आशीर्वाद लिया।
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Updated: 9 Jan 2026, 11:49 AM IST
बृजभूषण के मंच पर जुटे बड़े बाहुबली नाम
बृजभूषण के मंच पर जुटे बड़े बाहुबली नाम Source- X

UP Bahubali Dhananjay Singh, Brijesh Singh, Sushil Singh, Brijbhushan Singh: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्वांचल के चार प्रमुख बाहुबली नेता एक साथ नजर आए। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा आयोजित आठ दिवसीय राष्ट्रकथा महोत्सव में धनंजय सिंह, बृजेश सिंह, सुशील सिंह और बृजभूषण सिंह ने सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज का आशीर्वाद लिया। ये सभी राजपूत समाज से आते हैं। इस मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

राष्ट्रकथा महोत्सव में बाहुबलियों की मौजूदगी

नंदिनी निकेतन, नवाबगंज में 1 जनवरी से चल रहे इस आयोजन में सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज की कथा मुख्य आकर्षण रही। हजारों श्रद्धालु राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कृति और मूल्यों पर प्रवचन सुनने पहुंचे। लेकिन राजनीतिक नजरिए से सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई जब पूर्वांचल के बाहुबली नेता एक मंच पर दिखे। जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सद्गुरु का आशीर्वाद लिया। कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह (बृजभूषण के बेटे) और गोंडा सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने उनके पैर छुए। वाराणसी क्षेत्र के पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह और उनके भतीजे, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह भी मौजूद रहे। बृजभूषण सिंह ने इस आयोजन को राष्ट्र निर्माण और युवा उत्थान से जोड़ा।

ठाकुर एकता का मजबूत संदेश

ये चारों नेता राजपूत (ठाकुर) समाज से हैं। पूर्वांचल में ठाकुर वोट बैंक काफी प्रभावशाली है। विश्लेषकों का मानना है कि बृजभूषण सिंह ने पुराने रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में धनंजय सिंह के पैर छूते बृजभूषण के बेटे दिखे, जिसने ठाकुर राजनीति में नई लामबंदी की चर्चा तेज कर दी।

सियासी हलचल और भविष्य की संभावनाएं

यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं रहा। पूर्वांचल की बाहुबली ताकत एक साथ आने से विपक्षी दलों में भी चिंता है। बता दें धनंजय सिंह और बृजेश सिंह जैसे नामों की मौजूदगी से साफ है कि पूर्वांचल में नया सियासी गठजोड़ बन सकता है।

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9 Jan 2026, 11:49 AM IST
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